HUL Q3 Results: HUL के तिमाही नतीजे जारी, OZiva के पूर्ण अधिग्रहण को मिली मंजूरी

HUL Q3 Results में आइसक्रीम बिजनेस डीमर्जर से मुनाफा दोगुना हुआ। PAT 1% बढ़ा, सेल्स में 5.6% उछाल और OZiva के पूर्ण अधिग्रहण का ऐलान किया गया।

HUL ने Q3 नतीजों में शुद्ध मुनाफे में तेज उछाल दर्ज किया है। आइसक्रीम बिजनेस डीमर्जर से लाभ मिला, जबकि सामान्य आधार पर PAT 1 प्रतिशत बढ़ा और कंपनी ने OZiva अधिग्रहण का ऐलान किया।

HUL Q3 Results: हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड यानी HUL ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 2 गुना से ज्यादा बढ़ गया है। इस तेज बढ़त की सबसे बड़ी वजह आइसक्रीम बिजनेस के डीमर्जर से मिला एक बार का पॉजिटिव असर रहा है, जिसे मंजूर स्कीम और लागू अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के अनुसार खातों में शामिल किया गया।

हालांकि, अगर इस एक्सेप्शनल असर को हटा दिया जाए, तो कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स यानी PAT सीमित बढ़त के साथ 1 प्रतिशत बढ़कर 2,562 करोड़ रुपये रहा। इसके बावजूद नतीजों से यह संकेत मिलता है कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल में भी अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है।

नेट सेल्स और रेवेन्यू ग्रोथ की स्थिति

तीसरी तिमाही में HUL की नेट सेल्स में 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी की कुल बिक्री बढ़कर 16,441 करोड़ रुपये पहुंच गई। यह आंकड़ा दिखाता है कि बाजार में मांग धीरे-धीरे वापस लौट रही है और कंपनी का पोर्टफोलियो इस रिकवरी का फायदा उठा रहा है।

इस दौरान कंपनी का EBITDA यानी कामकाजी मुनाफा 3,788 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। EBITDA मार्जिन 23.3 प्रतिशत रहा, जो कंपनी की पहले से दी गई गाइडेंस रेंज के भीतर बताया गया है।

वॉल्यूम ग्रोथ से मिले रिकवरी के संकेत

HUL की इस तिमाही में अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ 4 प्रतिशत रही। कंपनी की CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रिया नायर ने कहा कि इस तिमाही में मांग के रुझानों में सुधार के शुरुआती संकेत देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि इस रिकवरी को नीतिगत कदमों का भी समर्थन मिला, जिससे कंज्यूमर सेंटिमेंट में धीरे-धीरे मजबूती आई।

प्रिया नायर के मुताबिक, इस माहौल में HUL ने अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी ने न केवल 6 प्रतिशत की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, बल्कि वॉल्यूम के मोर्चे पर भी स्थिर सुधार दिखाया।

ब्रांड स्ट्रेंथ और फ्यूचर चैनल्स पर फोकस

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिया नायर ने कहा कि कंपनी ने अपने ब्रांड्स के जरिए बड़े पैमाने पर ग्राहकों की पसंद बढ़ाने पर काम जारी रखा है। इसके साथ ही तेजी से बढ़ने वाले डिमांड स्पेस में बाजार विकास को तेज करने की रणनीति पर भी फोकस किया गया है।

उन्होंने बताया कि क्विक कॉमर्स के लिए एक समर्पित संगठन तैयार कर कंपनी ने ‘Channels of the Future’ को मजबूत किया है। FMCG सेक्टर में मार्केट लीडर होने के नाते, HUL आधुनिक ब्रांड बनाने, नई कैटेगरी तैयार करने और भविष्य के लिए मजबूत आधार खड़ा करने में लगातार निवेश कर रही है।

लंबी अवधि की ग्रोथ पर कंपनी का भरोसा

कंपनी का मानना है कि इस तरह के निवेश से टिकाऊ वॉल्यूम-आधारित ग्रोथ हासिल की जा सकेगी। साथ ही, लंबे समय में इससे शेयरहोल्डर वैल्यू बनाने में भी मदद मिलेगी। HUL ने साफ किया है कि उसका फोकस शॉर्ट टर्म लाभ के बजाय स्ट्रक्चरल ग्रोथ पर बना हुआ है।

इस रणनीति के तहत कंपनी अपने डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क, इनोवेशन और कंज्यूमर कनेक्ट को और मजबूत करने पर काम कर रही है।

न्यूट्रिशनलैब में हिस्सेदारी बेचने का फैसला

HUL ने नतीजों के साथ कुछ अहम कारोबारी फैसलों की भी जानकारी दी है। डव साबुन बनाने वाली इस FMCG दिग्गज कंपनी ने न्यूट्रिशनलैब प्राइवेट लिमिटेड यानी Wellbeing Nutrition में अपनी 19.8 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है।

यह हिस्सेदारी USV प्राइवेट लिमिटेड को 307 करोड़ रुपये में बेची गई है। कंपनी के अनुसार, यह फैसला पोर्टफोलियो को और फोकस्ड बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

OZiva के पूर्ण अधिग्रहण की तैयारी

इसके साथ ही HUL ने यह भी ऐलान किया है कि वह Zywie Ventures Private Limited यानी OZiva का पूरी तरह अधिग्रहण कर रही है। अभी तक कंपनी के पास OZiva में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसे उसने पहले ही खरीद लिया था।

अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने पहले से तय वैल्यूएशन फ्रेमवर्क के तहत शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के लिए HUL कुल 824 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इसके बाद OZiva, HUL की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई बन जाएगी।

हेल्थ एंड वेलबीइंग कैटेगरी में मजबूती

कंपनी ने बताया कि 2023 में हेल्थ एंड वेलबीइंग यानी H&W कैटेगरी में प्रवेश के बाद से HUL ने इस तेजी से बढ़ती कंज्यूमर कैटेगरी में मजबूत मौजूदगी बनाने पर लगातार फोकस किया है।

OZiva ने इस दौरान मजबूत प्रदर्शन किया है और 2025 में इसका रेवेन्यू करीब 480 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में 130 प्रतिशत CAGR की ग्रोथ दर्ज की है, जो इस सेगमेंट की मजबूत संभावनाओं को दर्शाता है।

सिनर्जी और इकोसिस्टम का फायदा

HUL का कहना है कि OZiva की ग्रोथ एक मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और HUL के इकोसिस्टम से मिलने वाली सिनर्जी का नतीजा है। विज्ञान आधारित प्रोडक्ट्स, मजबूत डिस्ट्रिब्यूशन और ब्रांड बिल्डिंग की क्षमता ने इस ब्रांड को तेजी से आगे बढ़ाया है। कंपनी को उम्मीद है कि यह अधिग्रहण हेल्थ और वेलनेस सेगमेंट में उसकी पकड़ को और मजबूत करेगा।

मार्च तक पूरी हो सकती हैं डील्स

HUL ने जानकारी दी है कि न्यूट्रिशनलैब और OZiva से जुड़ी दोनों डील्स मार्च तक पूरी हो सकती हैं। हालांकि, यह सामान्य क्लोजिंग कंडीशंस पर निर्भर करेगा। कंपनी ने साफ किया कि सभी रेगुलेटरी और प्रक्रियागत शर्तों को पूरा करने के बाद ही सौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।

मैनेजमेंट का विजन

प्रिया नायर ने कहा कि हेल्थ एंड वेलबीइंग HUL के लिए एक अहम ग्रोथ वेक्टर है, जिसे रोजमर्रा की वेलनेस में बढ़ती उपभोक्ता रुचि आगे बढ़ा रही है। OZiva का पूरा मालिकाना हक लेने से कंपनी इस स्पेस में ग्रोथ के अगले चरण को खोलने की स्थिति में होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी का फोकस कम लेकिन बड़े दांव लगाने पर है, जहां HUL की ताकत का इस्तेमाल करके उद्देश्य-आधारित ब्रांड्स को बड़े स्तर पर स्केल किया जा सके।

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