आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के दौरान बांग्लादेश क्रिकेट को लेकर नया विवाद सामने आया है। पहले खिलाड़ियों और बोर्ड पर टूर्नामेंट का बहिष्कार करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन अब बांग्लादेश सरकार ने अपने बयान पर यू-टर्न लेते हुए सफाई पेश की है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश क्रिकेट टीम के भारत न जाने के फैसले को लेकर नया विवाद सामने आया है। पहले यह माना जा रहा था कि यह निर्णय बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा कारणों के चलते लिया था। लेकिन अब बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने स्पष्ट किया कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और खिलाड़ियों का था, न कि सरकार का।
शुरुआती बयान और विवाद
जनवरी 2026 की शुरुआत में, आसिफ नजरुल ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा था कि टी20 विश्व कप में नहीं खेलने का निर्णय सरकार का था, और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लिया गया। इस बयान के बाद मीडिया और क्रिकेट फैंस में भ्रम और आलोचना दोनों पैदा हो गई। हालांकि, हाल ही में उन्होंने इस बयान को संशोधित करते हुए कहा कि यह निर्णय बोर्ड और खिलाड़ियों ने लिया था।
उन्होंने कहा, “विश्व कप में नहीं खेलने का कोई अफसोस नहीं है। यह फैसला बीसीबी और खिलाड़ियों ने लिया, ताकि देश की क्रिकेट सुरक्षा, जनता की सुरक्षा और राष्ट्रीय गरिमा बनी रहे। सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं था।”
सुरक्षा कारणों पर जोर

नजरुल ने बताया कि जनवरी की शुरुआत में ही बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा चिंताओं के कारण टीम को भारत न भेजने का सुझाव दिया था। इस सुझाव को बोर्ड और खिलाड़ियों ने बिना विरोध स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के पीछे न केवल खेल की सुरक्षा बल्कि जनता और खिलाड़ियों की भलाई का ध्यान रखा गया।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस निर्णय से बांग्लादेश क्रिकेट को वित्तीय नुकसान, कुछ मैचों से दूरी और संभावित प्रतिबंधों का खतरा था। इसके बावजूद, खिलाड़ियों और बोर्ड ने देश की गरिमा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
खिलाड़ियों और अधिकारियों की तारीफ
नजरुल ने कहा कि इस कदम पर खिलाड़ियों और अधिकारियों की तारीफ की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “इस फैसले पर बने रहने का मुख्य श्रेय खिलाड़ियों और अधिकारियों को जाता है। उन्होंने देश और खेल के हित में समझदारी और परिपक्वता दिखाई। यह बयान एक कार्यक्रम के बाद आया, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 20 मिलियन बांग्लादेश टका का चेक राष्ट्रीय खेल विकास के लिए ঢাকা विश्वविद्यालय को सौंपा। इस अवसर पर बोर्ड और खिलाड़ियों की एकजुटता भी नजर आई।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कहा कि टीम और बोर्ड ने राष्ट्रीय हित में यह निर्णय लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि खिलाड़ियों और अधिकारियों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ इस कदम को अपनाया।








