हैदराबाद में छिपा खजाना दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा, 4 गिरफ्तार

हैदराबाद पुलिस ने छिपा खजाना खोजने का झांसा देकर 11 लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया। चार आरोपी गिरफ्तार, नकली सोने के सिक्के बरामद।

हैदराबाद पुलिस ने छिपा हुआ खजाना खोजने का झांसा देकर 11 लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 25 नकली सोने के सिक्के, वाहन, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किया।

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस ने कथित तौर पर छिपा हुआ खजाना खोजने का झांसा देकर लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी लोगों को घर के नीचे दबे कथित गुप्त खजाने का लालच देकर उनसे बड़ी रकम ऐंठते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग इलाकों में कम से कम 11 लोगों को अपना निशाना बनाया और उनसे लगभग 1 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपी कथित तौर पर खुद को ऐसी विशेष जानकारी रखने वाला बताते थे, जिसके जरिए वे जमीन के नीचे छिपे खजाने का पता लगा सकते हैं।

छिपे खजाने की कहानी बनाकर फंसाते थे लोगों को

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जो आसानी से उनकी बातों पर भरोसा कर सकें। इसके बाद वे उन्हें बताते थे कि उनके घर या जमीन के नीचे पुराने समय का खजाना दबा हुआ है।

आरोपी कथित तौर पर लोगों को विश्वास दिलाते थे कि उनके पास गुप्त खजाने का पता लगाने की विशेष क्षमता है। इस दावे के बाद वे संबंधित घर या परिसर में खुदाई शुरू करवाते थे।

ठगी का पूरा तरीका योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुदाई के बाद कोयले से भरी एक बोरी और नकली सोने की परत चढ़े सिक्के जमीन के अंदर रख देते थे। इसके बाद पीड़ितों को दिखाया जाता था कि जमीन से कथित तौर पर खजाना मिला है।

कोयले को सोने में बदलने का झांसा

आरोपी कथित तौर पर पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि जमीन से मिला कोयला विशेष प्रक्रिया के बाद सोने में बदल जाएगा। इसके लिए वे दावा करते थे कि प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लगेगा।

इसके बाद आरोपी मौके से गायब हो जाते थे। पीड़ितों को बाद में पता चलता था कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है और जमीन से निकली कथित कीमती वस्तुएं वास्तव में नकली थीं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने इसी तरीके का इस्तेमाल करते हुए 11 लोगों को निशाना बनाया और उनसे करीब 1 करोड़ रुपये हासिल किए।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में मोहम्मद मुनव्वर, सैयद अली अशरफ, मोहम्मद हाजी और मोहम्मद सलमान को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कमिश्नर टास्क फोर्स की शमशाबाद जोन टीम और राजेंद्र नगर पुलिस ने संयुक्त रूप से की।

अधिकारियों ने आरोपियों के पास से कई सामान बरामद किए हैं, जिनमें दो चार पहिया वाहन, एक ऑटो-रिक्शा, दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन शामिल हैं।

इसके अलावा पुलिस ने 25 नकली सोने के सिक्के, कोयला, मिट्टी और पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री भी बरामद की है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन वस्तुओं का इस्तेमाल लोगों को ठगी के दौरान विश्वास में लेने के लिए किया जाता था।

मुख्य आरोपी ने तैयार की थी ठगी की योजना

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, टास्क फोर्स, के.एस. राव के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी मुनव्वर कार की डेंटिंग और पेंटिंग का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, अपनी आमदनी से परिवार का खर्च पूरा करने में परेशानी के बाद उसने कथित तौर पर लोगों को ठगने की योजना बनाई।

मुनव्वर ने अपने परिचितों को इस योजना में शामिल किया। इसके बाद समूह ने ऐसे लोगों को निशाना बनाना शुरू किया, जिन्हें आसानी से छिपे खजाने की कहानी पर विश्वास कराया जा सके।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों का उद्देश्य कम समय में अधिक पैसा हासिल करना था। उन्होंने कथित तौर पर धार्मिक और रहस्यमय गतिविधियों का सहारा लेकर पीड़ितों का भरोसा जीतने की कोशिश की।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने धारा 318(4), 351(2), 61(2) के साथ 3(5) के तहत कार्रवाई की है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया था और ठगी से जुड़ी रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति के झांसे में न आएं, जो घर या जमीन के नीचे छिपे सोने अथवा खजाने का पता लगाने का दावा करता हो।

गांवों और कस्बों में घूम रहे हैं ऐसे ठग

पुलिस ने चेतावनी दी है कि हाल के दिनों में कुछ ठग कथित रूप से सड़कों, गांवों और कस्बों में घूमकर लोगों को भूमिगत खजाने की कहानियां सुना रहे हैं। ऐसे लोग किसी स्थान विशेष पर पुराने समय का खजाना दबा होने का दावा करते हैं और फिर उसे खोजने या निकालने के नाम पर पैसे मांगते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के दावों का कोई भरोसेमंद आधार नहीं होने पर भी ठग लोगों के लालच और विश्वास का फायदा उठाते हैं। कई बार वे नकली सिक्के, धार्मिक सामग्री या अन्य सामान का इस्तेमाल करके अपने दावे को वास्तविक दिखाने की कोशिश करते हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी अजनबी के ऐसे दावे पर भरोसा न करें और खजाना खोजने के नाम पर किसी को घर या जमीन में खुदाई करने की अनुमति न दें। यदि कोई व्यक्ति ऐसी गतिविधि के बदले पैसे की मांग करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को खुद से पकड़ने या उससे विवाद करने के बजाय पुलिस को सूचना देना सुरक्षित तरीका है।

हैदराबाद में सामने आया यह मामला दिखाता है कि पुराने खजाने या गुप्त धन के लालच का इस्तेमाल आज भी संगठित ठगी के लिए किया जा सकता है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण गिरोह के नेटवर्क, संभावित अन्य पीड़ितों और ठगी से जुड़ी रकम का पता लगाने पर केंद्रित रहेगा।

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