सोनल दिनुषा के शानदार फॉर्म का सिलसिला दूसरे टेस्ट में भी जारी रहा। उन्होंने सीरीज का अपना तीसरा शतक जड़ते हुए श्रीलंका को भारत के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। हालांकि मुकाबले का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं आया, लेकिन दो मैचों की टेस्ट सीरीज पर टीम इंडिया ने 1-0 से कब्जा कर लिया। भारत ने सीरीज के पहले टेस्ट में गॉल में श्रीलंका को 165 रन से हराकर बढ़त बनाई थी। दूसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम जीत की स्थिति में पहुंच गई थी, लेकिन श्रीलंका की दूसरी पारी में सोनल दिनुषा की शानदार बल्लेबाजी ने मेजबान टीम को हार से बचा लिया।
कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका ने बचाई हार
कोलंबो टेस्ट के पांचवें दिन श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी को 229/6 के स्कोर से आगे बढ़ाया। भारतीय टीम के पास जीत हासिल करने का मौका था, क्योंकि उसने पहली पारी में श्रीलंका पर 213 रन की बड़ी बढ़त बनाई थी। श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सोनल दिनुषा ने एक छोर मजबूती से संभाले रखा। उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी ने भारत की जीत की उम्मीदों को धीरे-धीरे कमजोर कर दिया।
दिनुषा ने पांचवें दिन नाबाद 133 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने केशरा नुवंथा के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रन की उपयोगी साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका को संकट से बाहर निकाला और मैच को ड्रॉ की ओर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाई।
सोनल दिनुषा का लगातार तीसरा शतक
सोनल दिनुषा इस पूरी टेस्ट सीरीज के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में रहे। कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 103 रन बनाए थे। इसके बाद दूसरी पारी में नाबाद 133 रन बनाकर उन्होंने एक और शतक पूरा किया। इससे पहले गॉल में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में भी दिनुषा ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया था। इस तरह उन्होंने पूरी सीरीज में लगातार तीन शतक लगाने का शानदार रिकॉर्ड बनाया।
उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि श्रीलंका मुश्किल परिस्थितियों में था और उसे भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ लंबे समय तक बल्लेबाजी करनी थी। दिनुषा ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को मैच बचाने में मदद की।
429/9 पर श्रीलंका की पारी समाप्त
पांचवें दिन श्रीलंका ने 154 ओवर बल्लेबाजी की और 429/9 के स्कोर तक पहुंचा। टीम ने पारी घोषित नहीं की और निर्धारित समय के समाप्त होने के साथ मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। श्रीलंका के पास इस समय कुल 216 रन की बढ़त थी। भारतीय गेंदबाजों ने पूरे मुकाबले में विकेट हासिल करने की कोशिश की, लेकिन दिनुषा और निचले क्रम के बल्लेबाजों के प्रतिरोध के कारण टीम निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकी।
भारत की ओर से मनव सुथार ने 3 विकेट लेकर 121 रन दिए, जबकि अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने 3/94 के आंकड़े दर्ज किए। दोनों गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन आखिरी दिन विकेट निकालना आसान नहीं रहा।
पहले टेस्ट में भारत की शानदार जीत
दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में खेला गया था। इस मैच में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 165 रन से हराया था। उस जीत के साथ भारतीय टीम ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। दूसरे टेस्ट में भी भारत ने मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली थी और पहली पारी के बाद 213 रन की बढ़त हासिल की।
ऐसे में टीम इंडिया के पास सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करने का अवसर था। हालांकि, श्रीलंका की दूसरी पारी में दिनुषा के शतक और निचले क्रम के बल्लेबाजों के संघर्ष ने भारत को जीत से रोक दिया।









