India-Canada Ties: AI और दुर्लभ खनिज क्षेत्र में भारत के साथ निवेश करेगा कनाडा, नवंबर में दिल्ली आएगा दल

Canada ने भारत के AI और दुर्लभ खनिज (Rare Minerals) सेक्टर में निवेश और सहयोग बढ़ाने के संकेत दिए हैं। नवंबर में कनाडाई प्रतिनिधिमंडल New Delhi दौरे पर आएगा।

भारत और कनाडा के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), दुर्लभ खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग और निवेश बढ़ाने पर सहमति जताई है। 

कनाडा: Maninder Sidhu ने घोषणा की है कि कनाडा इस वर्ष नवंबर में ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ भारत भेजेगा, जिसके तहत एआई, स्वच्छ ऊर्जा और दुर्लभ खनिज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। यह जानकारी उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal के साथ साझा की। इस दौरान पीयूष गोयल ने कनाडाई निवेशकों और कॉर्पोरेट प्रमुखों के साथ बैठक कर भारत में स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रणनीतिक खनिज क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय कार्ययोजना भी तैयार की गई।

भारत-कनाडा संबंधों को नई दिशा

यह घोषणा Piyush Goyal और Maninder Sidhu के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद की गई। दोनों नेताओं ने भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने और नई आर्थिक संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया। कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार मिशन का उद्देश्य कनाडाई कंपनियों को भारत के तेजी से बढ़ते बाजार से जोड़ना है। 

उन्होंने बताया कि यह मिशन एआई, दुर्लभ खनिज, परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, डिजिटल अवसंरचना तथा सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर तलाशेगा।

AI और दुर्लभ खनिज क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

भारत वर्तमान समय में डिजिटल अर्थव्यवस्था और एआई आधारित तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि कनाडा दुर्लभ खनिज और स्वच्छ ऊर्जा संसाधनों के मामले में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच यह सहयोग वैश्विक सप्लाई चेन और तकनीकी विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी निर्माण और सेमीकंडक्टर उद्योग में दुर्लभ खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत और कनाडा की साझेदारी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

कनाडाई निवेशकों को भारत आने का न्योता

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा के कई बड़े कॉर्पोरेट समूहों और निवेशकों के साथ बैठक की। इनमें McCain Foods के अध्यक्ष मैक्स कोयुने और Fairfax Financial Holdings के चेयरमैन एवं सीईओ प्रेम वात्सा भी शामिल थे। बैठक के दौरान गोयल ने वित्तीय सेवाओं, अवसंरचना, बैंकिंग, बीमा, सतत कृषि और दुर्लभ खनिज प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए कनाडाई कंपनियों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से उभरती वैश्विक अर्थव्यवस्था है और यहां विदेशी निवेशकों के लिए दीर्घकालिक अवसर मौजूद हैं।

टोरंटो स्थित World Trade Center Toronto में आयोजित “कनाडा-इंडिया बिल्डिंग ब्रिजेस” कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने मुख्य भाषण दिया। इस कार्यक्रम में उन्नत विनिर्माण, जैव-प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, तेल एवं गैस, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और औषधि क्षेत्र से जुड़े 150 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों ने भाग लिया।गोयल ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच मजबूत व्यापार गलियारा दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई ऊर्जा देगा। 

उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड-चेन अवसंरचना और सतत कृषि में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और नवाचार आधारित औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका अहम

पीयूष गोयल ने कनाडा में बसे भारतीय समुदाय की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारतीय व्यवसायों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।ब्रैम्पटन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गोयल ने कनिष्क स्मारक का भी दौरा किया और एयर इंडिया फ्लाइट 182 आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

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