नालंदा में ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की भीषण टक्कर बुजुर्ग की मौत, ड्राइवर समेत 4 घायल; मलमास मेला देखकर लौट रहा था परिवार

नालंदा में ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की जोरदार टक्कर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर समेत चार लोग घायल हो गए। सभी लोग राजगीर मलमास मेला देखकर घर लौट रहे थे।
नालंदा में ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की भीषण टक्कर बुजुर्ग की मौत, ड्राइवर समेत 4 घायल; मलमास मेला देखकर लौट रहा था परिवार
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नालंदा में दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। राजगीर मलमास मेला देखकर लौट रहे परिवार का ई-रिक्शा रास्ते में ट्रैक्टर से टकरा गया। हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा में परिवार के कई सदस्य सवार थे और सभी मलमास मेला से दर्शन कर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोग सड़क पर जा गिरे।

हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। लोगों ने घायलों को किसी तरह बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बिहार पुलिस को सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया।

डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की तैयारी की जा रही है। हादसे में घायल लोगों के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे खुशी-खुशी मेला देखकर लौट रहे थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि रास्ते में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।

राजगीर में इन दिनों मलमास मेले को लेकर भारी भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग जिलों से पहुंच रहे हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे वाली सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने और स्पीड कंट्रोल के उपाय करने की मांग की है।

स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम घायलों के इलाज में जुटी हुई है। अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।

सोशल मीडिया पर भी हादसे की चर्चा तेज है। लोग सड़क सुरक्षा और धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मेलों और त्योहारों के समय ग्रामीण सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनती जा रही है।

जिला प्रशासन नालंदा ने लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

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