देशभर में मानसून तेज हो गया है। महाराष्ट्र के नासिक में 300 मिमी तक बारिश और बादल फटने की चेतावनी जारी है। रत्नागिरी में भूस्खलन, जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है।
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून देशभर में पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आ रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों में 300 मिलीमीटर तक बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में बादल फटने जैसी अत्यधिक वर्षा की आशंका भी व्यक्त की है।
लगातार बारिश को देखते हुए नासिक के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और सप्तश्रृंगी देवी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। उधर, महाराष्ट्र के रत्नागिरी में भूस्खलन, जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ और राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है।
नासिक में रेड अलर्ट, 300 मिमी तक बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार नासिक और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील रह सकते हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने अत्यधिक तीव्र वर्षा और स्थानीय स्तर पर बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास नहीं जाने और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
त्र्यंबकेश्वर और सप्तश्रृंगी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल सप्तश्रृंगी देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। लगातार बारिश और संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है।

रत्नागिरी में भूस्खलन, राहत अभियान जारी
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के शेलारवाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। इस हादसे में एक मकान का हिस्सा ढह गया। मलबे से एक महिला को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जबकि दो अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है। राष्ट्रीय और स्थानीय राहत दल मलबा हटाकर खोज एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में अचानक आई बाढ़
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। तेज बहाव के साथ पानी, चट्टानें और मलबा रिहायशी इलाकों में घुस गया, जिससे कई मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा। सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चला रहा है।
राजस्थान में भी तेज बारिश का दौर
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। जोधपुर, पाली, जालोर और बाड़मेर में पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। जोधपुर में कई सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर जलभराव हो गया, जबकि जालोर के पहाड़ी इलाकों में झरने बहने लगे। मौसम विभाग ने सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें आठ जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली और बरेली सहित कई शहरों में सुबह से तेज बारिश दर्ज की गई। पीलीभीत में तालाब का जलस्तर बढ़ने के कारण एक मगरमच्छ रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश के 31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उधर बिहार में मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। राज्य में शुरुआती मानसून कमजोर रहने के बाद अब बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड भी अलर्ट पर
पंजाब और चंडीगढ़ में कई जिलों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा के सात जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।उत्तराखंड में देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, पौड़ी, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
अगले दो दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना
- मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों में देश के कई हिस्सों में मानसून और सक्रिय रहेगा।
- उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश जारी रह सकती है।
- पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- आंध्र प्रदेश, झारखंड, असम, मेघालय और सिक्किम में भी भारी वर्षा की संभावना है।
- गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है।
प्रशासन की लोगों से अपील
लगातार खराब मौसम को देखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों, नदी किनारे रहने वाले लोगों और भूस्खलन संभावित इलाकों में रहने वालों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन न ले जाने और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।
मानसून पूरे देश को कर सकता है कवर
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब लगभग पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है और जल्द ही पूरे देश को कवर कर सकता है। हालांकि मानसून कृषि और जल संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन अत्यधिक वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं कई क्षेत्रों में चुनौती भी बन रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल तैनात किए जाएंगे।












