राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज: कांग्रेस ने बीजेपी-आरएसएस पर बोला हमला

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सियासी घमासान बढ़ गया है। कांग्रेस ने BJP और RSS पर तीखा हमला बोलते हुए कई सवाल उठाए। जानें पूरा विवाद, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

अयोध्या के Ram Mandir में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि विपक्ष भी सरकार पर लगातार हमलावर है।

BJP-RSS: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोमवार को कहा कि धार्मिक स्थलों पर हो रही कथित अनियमितताओं का एक “पैटर्न” सामने आ रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म का उपयोग राजनीतिक लाभ और सत्ता हासिल करने के साधन के रूप में किया जा रहा है।

कांग्रेस का आरोप: धार्मिक स्थलों पर अनियमितताओं का पैटर्न

पवन खेड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देशभर में धार्मिक स्थलों पर कथित चोरी और अनियमितताओं की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो एक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं का राजनीतिकरण किया जा रहा है और इसके जरिए जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और आरएसएस पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते हैं, क्योंकि उनके अनुसार संगठनात्मक वित्तीय जवाबदेही को लेकर स्पष्टता नहीं है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया है।

बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस धर्म को राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का उपयोग सत्ता प्राप्ति और प्रभाव बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। पवन खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या आरएसएस खुद को औपचारिक रूप से पंजीकृत कराने और वित्तीय पारदर्शिता अपनाने से इसलिए बचता है क्योंकि वह जवाबदेही नहीं चाहता। उनके अनुसार, संगठन की वित्तीय गतिविधियों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं के राम मंदिर दौरे पर प्रतिक्रिया

जब पवन खेड़ा से यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस नेता अयोध्या राम मंदिर जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि कई नेता पहले ही मंदिर के दर्शन कर चुके हैं और कुछ ने दान भी दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल दर्शन करने से मौजूदा कथित समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मुद्दे किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं हैं, बल्कि यह एक संस्थागत और प्रशासनिक मामला है, जिसकी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इस विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने भी बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी। उन्होंने बताया कि चढ़ावे की गणना और प्रबंधन की जिम्मेदारी स्थानीय ट्रस्टियों के पास होती है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

Leave a comment