उत्तरी आयरलैंड की पत्रकार लायरा मैकी की हत्या के मामले में तीन आरोपियों के बरी होने के बाद उनकी साथी सारा कैनिंग ने हत्यारे को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह अपराध हत्यारे को जीवनभर परेशान करता रहेगा, जबकि न्याय की उम्मीद अब कमजोर पड़ती दिख रही है।
लंदन: उत्तरी आयरलैंड की चर्चित पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता लायरा मैकी की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया है। फैसले के बाद लायरा की साथी सारा कैनिंग ने गहरा दुख और नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी साथी की हत्या करने वाला व्यक्ति जीवनभर अपने अपराध के बोझ से मुक्त नहीं हो पाएगा।
यह मामला वर्षों से उत्तरी आयरलैंड के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। अदालत के ताजा फैसले के बाद एक बार फिर न्याय, हिंसा और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।
क्या था पूरा मामला?
18 अप्रैल 2019 को उत्तरी आयरलैंड के लंदनडेरी (डेरी) शहर के क्रेगन इलाके में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हो रही थीं। इसी दौरान एक हथियारबंद हमलावर ने पुलिस की ओर गोलियां चलाईं।
उस समय 29 वर्षीय पत्रकार लायरा मैकी घटनास्थल पर मौजूद थीं और हालात का अवलोकन कर रही थीं। गोली उनके सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में असंतुष्ट रिपब्लिकन संगठन न्यू IRA ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी और स्वीकार किया था कि गोलीबारी उसी संगठन के सदस्य द्वारा की गई थी।
तीन आरोपियों को अदालत से राहत
इस मामले में पॉल मैकइंटायर, पीटर कैवना और जॉर्डन डिवाइन पर हत्या में सहयोग और साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए थे। अभियोजन पक्ष का दावा था कि इन लोगों ने हमलावर को गोली चलाने वाली जगह तक पहुंचाने और उसकी मदद करने में भूमिका निभाई। हालांकि लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण तीनों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया। यह मुकदमा लगभग दो वर्षों तक चला और घटना के सात वर्ष बाद इस महत्वपूर्ण फैसले पर पहुंचा।
सारा कैनिंग का भावुक और तीखा बयान
अदालत के फैसले के बाद लायरा मैकी की साथी सारा कैनिंग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गोली चलाने वाला व्यक्ति किसी बड़े उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि केवल दिखावा करने के लिए ऐसा कर रहा था। उन्होंने कहा कि उस रात वहां कैमरे मौजूद थे और हमलावर का व्यवहार केवल ध्यान आकर्षित करने की कोशिश जैसा था।
सारा ने हत्यारे को "कायर" बताते हुए कहा कि उसने समाज के लिए कभी कोई सकारात्मक योगदान नहीं दिया और एक निर्दोष पत्रकार की जान लेकर केवल दुख और दर्द छोड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि यह अपराध हत्यारे को हर दिन और हर रात मानसिक रूप से परेशान करता रहे।
'मुझे पता है हत्यारा कौन है'
सारा कैनिंग ने यह भी दावा किया कि उन्हें पता है गोली चलाने वाला व्यक्ति कौन है और वह कैसा दिखता है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वह नफरत या हिंसा का रास्ता नहीं चुनेंगी, क्योंकि ऐसा करना लायरा के मूल्यों के खिलाफ होगा।

न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर
अदालत के फैसले के बाद सारा ने स्वीकार किया कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद पहले से काफी कम लगती है। उनका कहना है कि अब तभी सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकती है, जब कोई व्यक्ति आगे आकर सच बताए या फिर जांच एजेंसियों को कोई नया और मजबूत सबूत मिल जाए। उन्होंने माना कि यह फैसला उनके लिए बेहद दर्दनाक है और लायरा के परिवार तथा दोस्तों के लिए भी इसे स्वीकार करना आसान नहीं होगा।
उस रात क्या हुआ था?
घटना वाले दिन पुलिस ने इलाके में असंतुष्ट रिपब्लिकन गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन हिंसक हो गया, पेट्रोल बम फेंके गए और कई वाहनों में आग लगा दी गई। इसी दौरान एक नकाबपोश हमलावर ने पुलिस की दिशा में चार गोलियां चलाईं। उन्हीं में से एक गोली लायरा मैकी को लगी और उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय पत्रकार समुदाय को झकझोर दिया था।
अदालत की टिप्पणी भी रही महत्वपूर्ण
फैसला सुनाते समय न्यायाधीश ने कहा कि अदालत का यह निर्णय लायरा मैकी के परिवार और दोस्तों के लिए शायद ही कोई राहत लेकर आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लायरा की हत्या पूरी तरह निरर्थक और बेवजह की हिंसा का परिणाम थी। अदालत ने यह भी माना कि इस दुखद घटना ने समाज और पत्रकारिता जगत को गहरा आघात पहुंचाया है।
पत्रकारिता जगत के लिए बड़ा झटका
लायरा मैकी केवल एक पत्रकार ही नहीं बल्कि लेखिका और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय आवाज भी थीं। उन्होंने उत्तरी आयरलैंड में शांति, मानवाधिकार और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर लगातार लेखन किया। उनकी हत्या को दुनिया भर के पत्रकार संगठनों ने प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया था। आज भी उनका नाम निर्भीक पत्रकारिता और सच की खोज के प्रतीक के रूप में लिया जाता है।
अब आगे क्या?
तीन आरोपियों के बरी होने के बाद इस मामले में न्याय की प्रक्रिया लगभग ठहरती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि जांच एजेंसियां भविष्य में नए सबूत मिलने की संभावना से इनकार नहीं कर रही हैं।
उधर, लायरा मैकी के परिवार, उनके मित्रों और समर्थकों का कहना है कि वे सच्चाई सामने आने और दोषी को सजा मिलने की उम्मीद पूरी तरह नहीं छोड़ेंगे। यह मामला केवल एक पत्रकार की हत्या का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक समाज में कानून के शासन, प्रेस की स्वतंत्रता और हिंसा के खिलाफ न्याय की लंबी लड़ाई का भी प्रतीक बन चुका है।












