रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों में यूक्रेन में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है। चेर्निहीव क्षेत्र के प्रिलुकी में रिहायशी इमारत पर मिसाइल गिरने से चार बच्चों की जान गई। कीव समेत कई शहरों में भी भारी नुकसान हुआ।
कीव: रूस ने बुधवार रात यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए। हमलों में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए। चेर्निहीव क्षेत्र के प्रिलुकी में एक रिहायशी इमारत पर मिसाइल गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई। कीव समेत कई शहरों में नागरिक इलाकों और ऊर्जा ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।
प्रिलुकी में रिहायशी इमारत पर मिसाइल गिरी
यूक्रेन के चेर्निहीव क्षेत्र के प्रिलुकी शहर में बुधवार सुबह एक रूसी मिसाइल रिहायशी इमारत से टकराई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पांच मंजिला इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया। घटनास्थल पर इमारत का मलबा, जला हुआ कंक्रीट और मुड़े हुए लोहे के ढांचे दिखाई दिए।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि इस हमले में मारे गए 18 लोगों में तीन बच्चे सिर्फ एक साल के थे, जबकि एक बच्चे की उम्र आठ साल थी। हमले में सात अन्य बच्चे घायल भी हुए। राहत और बचाव दल ने मलबे से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन के आम शहरों और नागरिकों को निशाना बनाना आतंक की एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिक इलाकों और बच्चों पर मिसाइलों का इस्तेमाल करना जानबूझकर किया जा रहा है।
‘हम सो रहे थे, तभी धमाका हुआ’
प्रिलुकी की रहने वाली 40 वर्षीय ओलेना सयून ने हमले के बाद बताया कि घटना सुबह करीब 6:30 बजे हुई। उनके अनुसार, धमाके से घरों की खिड़कियां टूट गईं और परिवार को अपनी जान बचाने के लिए बाथरूम में शरण लेनी पड़ी।
ओलेना ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे को बचाने के लिए उसे अपने शरीर से ढक लिया। उनके और उनके पति के शरीर पर भी कांच और मलबे से चोटें आईं। उनका बच्चा बुरी तरह डर गया और सदमे में चला गया। उन्होंने बताया कि आसपास रहने वाले कई बच्चों की उम्र भी उनके बच्चों के आसपास ही थी। वे रोजाना एक ही खेल के मैदान में खेलते थे। इस हमले ने स्थानीय परिवारों के बीच डर और असुरक्षा को और बढ़ा दिया है।
कई शहरों में मिसाइल और ड्रोन हमले
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रातभर में कम से कम 50 मिसाइलें और करीब 130 ड्रोन अलग-अलग क्षेत्रों की ओर भेजे। इनमें निप्रॉपेट्रोस, कीव, खार्किव और पोल्तावा क्षेत्र शामिल थे। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, बैलिस्टिक मिसाइलें यूक्रेन की वायु रक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत है। उनके अनुसार, कुछ हथियारों को रोकना संभव हुआ, लेकिन तेज गति से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना अब भी कठिन है।
कीव में भी नागरिकों की मौत
राजधानी कीव में भी रूसी हमले का असर दिखाई दिया। शहर के घनी आबादी वाले दार्नित्स्की इलाके में एक हमले के कारण लगी आग में दो लोगों की मौत हो गई। कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को ने बताया कि राजधानी में हाल के हफ्तों में रूसी हमलों की संख्या बढ़ी है। सर्दियां नजदीक आने के साथ ऊर्जा ढांचे पर हमलों को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
लगातार हवाई हमलों की चेतावनी के बीच कीव के कई लोग रात में मेट्रो स्टेशनों में शरण लेने के लिए मजबूर हुए। लोग अपने साथ बैग, कंबल और सोने के लिए जरूरी सामान लेकर भूमिगत स्टेशनों में पहुंचे। बैंक में काम करने वाली इरीना रिबालचेंको ने बताया कि उनका परिवार हमले की आशंका के कारण मेट्रो स्टेशन पहुंचा। उन्होंने कहा कि पूरे कीव में डर का माहौल है और लोग एक-दूसरे को सावधानी बरतने के संदेश भेज रहे हैं।
निप्रो और अन्य शहर भी निशाने पर
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, मध्य यूक्रेन के निप्रो और क्रेमेनचुक में ऊंची इमारतों को मिसाइलों ने निशाना बनाया। इन हमलों में दो लोगों की मौत हुई। ओलेक्सांद्रिया में भी दो लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई। अलग-अलग इलाकों में हमलों से आवासीय इमारतों, निजी मकानों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

यूक्रेन की सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि सर्दियों के दौरान ऊर्जा ढांचे पर लगातार हमले बिजली और हीटिंग व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं।
जेलेंस्की ने एक दिन पहले दी थी बड़े हमले की चेतावनी
यह हमला ऐसे समय हुआ जब जेलेंस्की ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि रूस बड़े पैमाने पर हमला कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा बुनियादी ढांचे को संभावित निशाना बताए जाने की आशंका जताई थी। सर्दियों के करीब आने के साथ यूक्रेन में बिजली और ऊर्जा आपूर्ति पहले से ही युद्ध के कारण दबाव में है। रूस पिछले वर्षों में यूक्रेन के ऊर्जा नेटवर्क पर कई बार हमले कर चुका है।
मंगलवार को कीव के कुछ हिस्सों में बिजली की निर्धारित कटौती भी की गई थी, ताकि कमजोर हो चुके बिजली ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके। कई स्थानों पर बिजली के लिए जनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ा।
बैलिस्टिक मिसाइलों और नए ड्रोन से बढ़ी चुनौती
यूक्रेन की वायुसेना ने बुधवार सुबह बताया कि उसने पांच बैलिस्टिक मिसाइलों, 39 क्रूज मिसाइलों और 100 से अधिक ड्रोन को रोकने का दावा किया। यूक्रेन के लिए रूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नए और तेज गति वाले जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन भी चुनौती बन रहे हैं।
बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना और मुश्किल माना जाता है, क्योंकि उनकी गति और उड़ान पथ के कारण वायु रक्षा प्रणालियों के पास प्रतिक्रिया के लिए सीमित समय रहता है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों की तत्काल जरूरत है। उन्होंने रूस के हमलों को युद्ध के सबसे गंभीर चरणों में से एक बताया।
नागरिकों में बढ़ता डर
प्रिलुकी में रहने वाली 36 वर्षीय डारिया मेदवेदेवा ने बताया कि भारी गोलाबारी के दौरान बच्चे बेहद डर जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी हमले तेज होते हैं, परिवार भूमिगत स्थानों में जाने की कोशिश करते हैं। लगातार हमलों के कारण यूक्रेन के बड़े शहरों में नागरिकों की सामान्य जिंदगी प्रभावित हुई है। रात में हवाई हमले के सायरन, बिजली कटौती और सुरक्षित स्थानों की तलाश अब कई परिवारों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस के हमलों के जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के भीतर उन ठिकानों को निशाना बनाया जिन्हें वह अपने युद्ध प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण मानता है। उनके मुताबिक, यूक्रेन ने पर्म, समारा और अस्त्रखान क्षेत्रों में दो तेल सुविधाओं और एक प्रशिक्षण केंद्र पर हमले किए। उन्होंने इन कार्रवाइयों को रूस के हमलों के खिलाफ यूक्रेन की “जवाबी कार्रवाई” बताया।
युद्ध में नागरिकों की सुरक्षा फिर बड़ा सवाल
यूक्रेन में हुए ताजा हमले ने एक बार फिर युद्ध के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी इमारतों में बच्चों की मौत और राजधानी समेत कई शहरों में नागरिकों के बीच पैदा हुआ डर बताता है कि संघर्ष का असर सैन्य ठिकानों से कहीं आगे तक पहुंच चुका है।
दूसरी ओर, यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर लंबी दूरी के हमले बढ़ाए जाने से दोनों पक्षों के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। युद्ध लंबा खिंचने के साथ नागरिक हताहतों की संख्या और ऊर्जा ढांचे पर दबाव आने वाले महीनों में भी बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।










