पोलैंड के स्कूल में चाकू से हमला, 10 लोग घायल; 19 वर्षीय छात्र हिरासत में

कोको गॉफ ने चाइना ओपन के दौरान ऑनलाइन नस्लीय दुर्व्यवहार पर प्रतिक्रिया दी। WTA ने घटना की निंदा कर कार्रवाई का भरोसा दिया। गॉफ चौथे दौर में हारीं।

पोलैंड के ओस्त्रोवेंका में एक व्यावसायिक स्कूल में चाकू से हमले में 10 लोग घायल हो गए। घायलों में पांच छात्र, दो शिक्षक और दो राहगीर शामिल हैं। पुलिस ने 19 वर्षीय संदिग्ध छात्र को घटना के करीब 20 मिनट बाद पकड़ लिया।

वारसॉ: पोलैंड के उत्तर-पूर्वी शहर ओस्त्रोवेंका में बुधवार को एक व्यावसायिक स्कूल में चाकू से हमला होने से 10 लोग घायल हो गए। पुलिस ने घटना के कुछ ही समय बाद 19 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध भी हमले में घायल हुआ है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

घटना ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी। अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान कुछ छात्रों ने खुद को कक्षाओं में बंद कर लिया था। बाद में सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हमले के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पांच छात्रों और दो शिक्षकों समेत 10 घायल

मसॉवियन क्षेत्र के गवर्नर मारियुश फ्रांकोव्स्की ने बताया कि घायल लोगों में पांच छात्र, दो शिक्षक और दो राहगीर शामिल हैं। इसके अलावा संदिग्ध हमलावर भी घायल हुआ है। कुल नौ लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, घायलों में से किसी की हालत जानलेवा नहीं है। हालांकि, अस्पतालों में उनका उपचार और चिकित्सकीय जांच जारी है। संदिग्ध की हालत भी चोटों के कारण अस्पताल में निगरानी में रखे जाने की जानकारी सामने आई है।

स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद शहर के सभी स्कूलों को बंद कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

संदिग्ध उसी स्कूल का छात्र था

पुलिस के अनुसार, हमले का संदिग्ध 19 वर्षीय युवक उसी स्कूल का छात्र था। उसने कथित तौर पर लोगों पर माचेते यानी बड़े धारदार चाकू से हमला किया। पोलैंड के गोपनीयता कानूनों के कारण अधिकारियों ने संदिग्ध की पहचान पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की है। उसे केवल Jakub Z. के नाम से पहचाना गया है।

पुलिस के मुताबिक, हमले के बाद संदिग्ध घटनास्थल से भाग गया था। सुरक्षा बलों ने करीब 20 मिनट के भीतर उसे स्कूल से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर नदी के किनारे एक जंगली इलाके में पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर पुलिस की ओर से जारी तस्वीर में एक व्यक्ति को जमीन पर मुंह के बल लेटे हुए देखा गया, जिसके बारे में अधिकारियों ने कहा कि वह संदिग्ध हो सकता है।

संदिग्ध ने खुद को भी घायल किया

अभियोजकों के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के समय संदिग्ध खुद भी घायल था। उसकी चोटों को अधिकारियों ने कथित तौर पर आत्म-क्षति यानी खुद को घायल करने का परिणाम बताया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद अस्पताल पहुंचाया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसने हमला क्यों किया और क्या घटना से पहले उसने इसकी योजना बनाई थी।

अभी तक अधिकारियों ने हमले को किसी आतंकी संगठन से जोड़ने वाली कोई जानकारी नहीं दी है। घटना के पीछे का मकसद भी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।

हमलावर के बैग की भी जांच

पुलिस ने बताया कि बम निरोधक विशेषज्ञों ने संदिग्ध के बैग की जांच की। अधिकारियों ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि बैग से कोई संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु बरामद हुई या नहीं। बैग की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हमलावर के पास हथियार होने की पुष्टि हो चुकी थी और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती थीं कि घटनास्थल या आसपास कोई अतिरिक्त खतरा मौजूद न हो।

जांच एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं और हमले की पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।

छात्रों ने कक्षाओं में खुद को किया बंद

पोलैंड के सरकारी समाचार चैनल TVP Info से बातचीत में दमकल विभाग के प्रवक्ता एड्रियन स्तुप्स्की ने बताया कि हमले के दौरान कुछ छात्रों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद को कक्षाओं के भीतर बंद कर लिया था। यह कदम छात्रों और शिक्षकों द्वारा तत्काल खतरे से बचने के लिए उठाया गया। बाद में सुरक्षा बलों और बचाव दलों ने उन्हें सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला।

घटना के बाद स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और पूरे इलाके को जांच के लिए सुरक्षित किया।

सुबह करीब 11 बजे हुआ हमला

पुलिस के अनुसार, हमला स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे हुआ। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तत्काल सक्रिय हुईं। करीब 20 मिनट के भीतर संदिग्ध को स्कूल से कुछ दूरी पर हिरासत में ले लिया गया। इससे पुलिस को शुरुआती तलाशी और सुरक्षा अभियान तेजी से पूरा करने में मदद मिली।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने और अधिकारियों की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देने की अपील की।

ओस्त्रोवेंका के सभी स्कूल किए गए बंद

हमले के बाद ओस्त्रोवेंका प्रशासन ने शहर के सभी स्कूलों को बंद करने का फैसला किया। अधिकारियों ने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं। स्कूलों को बंद करने का निर्णय एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया, ताकि पुलिस को जांच और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

घटना के बाद शहर में अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल बना रहा। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों को सुरक्षित कर लिया गया है और संदिग्ध को हिरासत में लिया जा चुका है।

पोलैंड में ऐसे हमले दुर्लभ

पोलैंड में स्कूलों में इस तरह के हिंसक हमले अपेक्षाकृत दुर्लभ माने जाते हैं। हालांकि, हाल के समय में अधिकारियों ने कुछ ऐसे मामलों में कार्रवाई की है, जिनमें नाबालिगों पर हमले की योजना बनाने का संदेह था। सितंबर में पोलैंड की पुलिस ने 13 वर्षीय एक बच्चे को कथित तौर पर हमले की योजना बनाने के संदेह में हिरासत में लिया था। उसके बैग से एक चाकू भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इन घटनाओं ने पोलैंड में स्कूलों की सुरक्षा, छात्रों की मानसिक स्थिति और संभावित हिंसक घटनाओं की शुरुआती पहचान को लेकर चर्चा बढ़ाई है।

जांच के बाद सामने आएगा हमले का मकसद

ओस्त्रोवेंका स्कूल हमले में पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल हमलावर की मंशा और घटना की पृष्ठभूमि को लेकर है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या संदिग्ध ने अकेले हमले की योजना बनाई थी या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा था।

साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि संदिग्ध ने स्कूल में हथियार कैसे पहुंचाया और क्या उसने हमले से पहले किसी को धमकी दी थी। फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और उसका इलाज भी कराया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ हमले के कारण और घटनाक्रम से जुड़ी अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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