स्पेन में आवास संकट के विरोध का चेहरा बनी 87 वर्षीय मारिकारमेन अबास्कल का निधन

मेड्रिड: स्पेन में बेदखली के बाद आवास संकट के विरोध का चेहरा बनी 87 वर्षीय मारिकारमेन अबास्कल का निधन हो गया। उनकी मौत के बाद हजारों लोग सड़कों पर उतरे।

स्पेन में आवास संकट के खिलाफ आंदोलन का चेहरा बनी 87 वर्षीय मारिकारमेन अबास्कल का निधन हो गया। उनकी बेदखली के बाद देशभर में विरोध तेज हुआ था। मौत की खबर के बाद मैड्रिड और बार्सिलोना में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया।

मेड्रिड: स्पेन में बढ़ते आवास संकट और किराये की महंगाई के खिलाफ आंदोलन का चेहरा बनी 87 वर्षीय मारिकारमेन अबास्कल का निधन हो गया। मैड्रिड टेनेंट्स यूनियन ने बुधवार को उनके निधन की जानकारी दी। अबास्कल की मौत की खबर सामने आने के बाद मैड्रिड समेत कई शहरों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और देश में सस्ती तथा सुरक्षित आवास व्यवस्था की मांग फिर तेज हो गई।

अबास्कल को 23 सितंबर को उस घर से बेदखल किया गया था, जहां वह सात दशक से अधिक समय से रह रही थीं। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उन्हें स्ट्रेचर के जरिए घर से बाहर निकाला गया था। इस घटना ने स्पेन में पहले से गहराते आवास संकट को लेकर व्यापक जन आक्रोश पैदा कर दिया।

उनकी मृत्यु का आधिकारिक कारण तत्काल सामने नहीं आया है। हालांकि, बेदखली के बाद उन्हें गंभीर चिंता और अत्यधिक थकान की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

70 साल से अधिक पुराने घर से बेदखली बनी आंदोलन की वजह

अबास्कल का मामला उस समय सामने आया जब स्पेन के कई शहरों में घरों की कमी, बढ़ते किराये और आम लोगों के लिए आवास की घटती उपलब्धता को लेकर असंतोष बढ़ रहा था। अबास्कल मैड्रिड के रेटिरो पार्क के पास स्थित अपने घर में सात दशकों से अधिक समय से रह रही थीं। बाद में एक निवेश फंड ने उनकी संपत्ति खरीद ली। इसके बाद उन्हें घर खाली करने की प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।

23 सितंबर को हुई बेदखली की तस्वीरों और खबरों ने देश में व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की। प्रदर्शनकारियों और किरायेदार संगठनों ने इसे केवल एक बुजुर्ग महिला का मामला नहीं, बल्कि स्पेन की आवास व्यवस्था में मौजूद व्यापक संकट का प्रतीक बताया।

बेदखली के बाद अबास्कल को अस्पताल ले जाया गया। उनके वकील के अनुसार, कुछ दिनों बाद मकान मालिक के साथ आठ साल का एक समझौता हुआ था। इसके तहत उन्हें वापस घर लौटने और पहले के समान किराये पर रहने का रास्ता मिलना था। हालांकि, उनकी तबीयत खराब होने के कारण वह समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर सकीं।

मौत की खबर के बाद मैड्रिड में बड़ा प्रदर्शन

अबास्कल के निधन की खबर सामने आने के बाद मैड्रिड के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पुएर्ता डेल सोल से संसद की ओर हजारों लोगों ने मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने आवास संकट और बेदखली की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए।

कई प्रदर्शनकारियों ने अबास्कल की मौत को स्पेन की आवास व्यवस्था से जोड़ते हुए इसे टाला जा सकने वाला हादसा बताया। हालांकि, उनकी मृत्यु का आधिकारिक कारण घोषित नहीं हुआ है, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी मौत सीधे तौर पर बेदखली के कारण हुई।

प्रदर्शन केवल मैड्रिड तक सीमित नहीं रहा। बार्सिलोना में भी लोगों ने आवास संकट और अबास्कल के मामले को लेकर विरोध जताया।

ट्रेड यूनियनों ने 11 नवंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया

आवास संकट को लेकर स्पेन के ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। यूनियनों ने 11 नवंबर को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियनों और आवास अधिकार समूहों की मुख्य चिंता यह है कि लगातार बढ़ते किराये और सीमित आवास आपूर्ति के कारण मध्यम तथा निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए शहरों में रहना मुश्किल होता जा रहा है।

आंदोलनकारी सरकार से किराये को नियंत्रित करने, सामाजिक आवास का विस्तार करने और कमजोर वर्गों को बेदखली से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

आवास संकट बना स्पेन की राजनीति का बड़ा मुद्दा

अबास्कल की बेदखली और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों ने स्पेन की राजनीति पर भी असर डाला है। संसद में किराये के दबाव को कम करने और बेदखली से संबंधित कुछ उपायों को समर्थन नहीं मिलने के बाद आवास संकट राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया।

प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने समय से पहले चुनाव कराने की घोषणा की है। चुनाव 29 नवंबर को प्रस्तावित है। उनकी सरकार के सामने आवास संकट को लेकर बढ़ता जन असंतोष एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती बन गया है।

सांचेज की सोशलिस्ट पार्टी पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और परिवार से संबंधित विवादों को लेकर भी विपक्ष लगातार निशाना साधता रहा है। इसके अलावा उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र में स्थित स्पेन के क्षेत्र सेउता से जुड़े प्रवासन संकट ने भी सरकार पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में आवास का मुद्दा सांचेज सरकार के लिए राजनीतिक प्राथमिकता बनता दिखाई दे रहा है।

सांचेज ने जताया दुख, विपक्ष ने राजनीति से दूर रखने की अपील की

प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने सोशल मीडिया पर अबास्कल के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उनके परिवार और इस घटना से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई।

वहीं, स्पेन की मुख्य विपक्षी पीपुल्स पार्टी के नेता अल्बेर्तो नूनेज फेइखो ने अबास्कल की मौत को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के समय सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।

इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि अबास्कल की मौत ने राजनीतिक दलों के बीच भी संवेदनशील बहस को जन्म दिया है। सत्ता पक्ष जहां आवास संकट के मुद्दे पर कार्रवाई का संदेश देने की कोशिश कर रहा है, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है।

फ्रांको युग का अनुभव और सामाजिक चेतना

अबास्कल के पड़ोसियों के मुताबिक, उन्होंने स्पेन के फ्रांसिस्को फ्रांको के अधिनायकवादी शासन का दौर देखा था। फ्रांको शासन 1975 में समाप्त हुआ।

एक पड़ोसी ने उन्हें मजबूत विचारों वाली और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील महिला के रूप में याद किया। उनके अनुसार, अबास्कल के व्यक्तित्व में संघर्ष करने की क्षमता और दूसरों के प्रति एकजुटता की भावना प्रमुख थी।

यही कारण है कि उनकी बेदखली का मामला तेजी से व्यक्तिगत घटना से आगे बढ़कर सामाजिक आंदोलन का प्रतीक बन गया।

आंदोलनकारियों ने कहा- संघर्ष जारी रखना ही सम्मान होगा

मैड्रिड में हुए प्रदर्शन में शामिल 31 वर्षीय गिलर्मो रुइज ने कहा कि अबास्कल के लिए सबसे अच्छा सम्मान यही होगा कि आवास के अधिकार की लड़ाई जारी रखी जाए और ऐसी परिस्थितियां दोबारा किसी अन्य व्यक्ति के सामने न आएं।

टेनेंट्स यूनियन ने भी अपने बयान में कहा कि अबास्कल ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनके पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जो लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा देती है। अबास्कल के मामले ने स्पेन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है—क्या किसी शहर में दशकों से रह रहा बुजुर्ग व्यक्ति बढ़ते संपत्ति मूल्यों और किराये के दबाव के बीच अपने घर में सुरक्षित रह सकता है?

स्पेन के आवास संकट की बड़ी तस्वीर

अबास्कल की कहानी केवल एक बेदखली की घटना नहीं है। यह उस व्यापक संकट को दर्शाती है, जिसमें बड़े शहरों में घरों की उपलब्धता, किराये की कीमत और आम लोगों की आय के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। मैड्रिड और बार्सिलोना जैसे शहरों में आवास की मांग लगातार राजनीतिक बहस का विषय रही है। किराये के मकानों की कमी और संपत्ति की बढ़ती कीमतों ने युवाओं, बुजुर्गों तथा कम आय वाले परिवारों पर विशेष दबाव डाला है।

अबास्कल की मौत के बाद आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं। 11 नवंबर की प्रस्तावित आम हड़ताल और नवंबर के अंत में होने वाला चुनाव इस बात का संकेत दे रहे हैं कि आवास संकट अब स्पेन की सामाजिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं के केंद्र में पहुंच चुका है।

हालांकि, अबास्कल की मृत्यु का चिकित्सकीय कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनकी बेदखली ने जिस जन आंदोलन को जन्म दिया, उसने स्पेन में आवास के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और किरायेदारों की सुरक्षा पर राष्ट्रीय बहस को नई दिशा जरूर दी है।

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