ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्यकारी अभियंता गिरफ्तार, 23 प्लॉट और 5 एकड़ फार्महाउस का खुलासा

ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्यकारी अभियंता अरविंद मोहंती को गिरफ्तार किया। 23 प्लॉट, दो इमारत और 5 एकड़ फार्महाउस जांच में मिले।

ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्यकारी अभियंता अरविंद मोहंती को गिरफ्तार किया। तलाशी में 23 प्लॉट, दो बहुमंजिला इमारतें, पांच एकड़ का फार्महाउस, नकदी, सोना और बैंक जमा सामने आए। जांच अभी जारी है।

भुवनेश्वर: ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में कार्यकारी अभियंता अरविंद मोहंती को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उनकी कथित संपत्तियों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के बाद की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में नकदी, बैंक जमा, सोना, वाहन और कई अचल संपत्तियों का पता चलने का दावा किया गया है। मोहंती वर्तमान में मयूरभंज जिले के बारीपदा डिवीजन के तहत बेतनटी सब-डिवीजन में कार्यरत हैं। विजिलेंस के अनुसार, तलाशी के दौरान सामने आई कुछ संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों का उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से संतोषजनक मिलान नहीं हो सका।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें मंगलवार को बारीपदा स्थित विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस की अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले में जांच जारी है और विजिलेंस की तकनीकी टीम संबंधित संपत्तियों की माप और मूल्यांकन कर रही है।

तलाशी के बाद हुई गिरफ्तारी

विजिलेंस की कार्रवाई मोहंती से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी के बाद हुई। जांच एजेंसी का कहना है कि तलाशी के दौरान ऐसी संपत्तियां सामने आईं जिनके बारे में अधिकारी कथित तौर पर अपनी ज्ञात आय के अनुरूप संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।

इसी आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बालेेश्वर विजिलेंस पुलिस स्टेशन में केस नंबर 25/2026 दर्ज किया गया है।

हालांकि, आय से अधिक संपत्ति के मामले में किसी संपत्ति का सामने आना अपने आप में अवैध संपत्ति होने का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता। संपत्तियों की वैधता, उनके स्रोत और अधिकारी की आय से उनका संबंध जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान निर्धारित होगा।

नकदी की कुल बरामदगी 10.57 लाख रुपये

विजिलेंस अधिकारियों ने मंगलवार को भुवनेश्वर के बालिअंता स्थित मोहंती के आवास से अतिरिक्त 2.5 लाख रुपये नकद बरामद किए। इस बरामदगी के बाद मामले में जब्त कुल नकदी 10,57,500 रुपये बताई गई है।

नकदी के अलावा जांच के दौरान करीब 69.69 लाख रुपये की जमा राशि और लगभग 300 ग्राम सोना भी सामने आने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने एक चार पहिया वाहन का भी पता लगाया है।

विजिलेंस अब इन वित्तीय संपत्तियों के स्रोत और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि संपत्तियां और वित्तीय संसाधन अधिकारी की वैध आय और ज्ञात स्रोतों से मेल खाते हैं या नहीं।

23 हाई-वैल्यू प्लॉट मिले

जांच एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के दौरान मोहंती से जुड़ी 23 उच्च मूल्य वाली जमीनों या प्लॉट का पता चला। इसके अलावा दो बहुमंजिला इमारतें और करीब पांच एकड़ में फैला एक फार्महाउस भी जांच के दायरे में आया है।

विजिलेंस के अनुसार, यह फार्महाउस बालासोर जिले में स्थित है। परिसर में दो मछली पालन तालाब और एक पोल्ट्री फार्म होने की जानकारी सामने आई है।

इन संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य निर्धारित करने के लिए विजिलेंस की तकनीकी शाखा माप और मूल्यांकन कर रही है। संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनका कुल अनुमानित मूल्य कितना है और वह अधिकारी की ज्ञात आय के मुकाबले कितना अधिक है।

संपत्तियों के स्रोत की जांच

आय से अधिक संपत्ति मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर आरोपी अधिकारी की सेवा अवधि के दौरान अर्जित आय, वेतन, अन्य वैध स्रोतों, निवेश और संपत्ति खरीद के रिकॉर्ड की तुलना करती है।

मोहंती के मामले में भी सामने आई संपत्तियों और वित्तीय जमा के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसमें बैंक खातों, जमीन के दस्तावेज, भवन निर्माण, वाहन और अन्य निवेशों से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।

विजिलेंस की तकनीकी टीम संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। जांच के अंतिम निष्कर्ष के लिए इन संपत्तियों के स्वामित्व और वित्तीय स्रोतों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।

1997 में जूनियर इंजीनियर के रूप में शुरू किया करियर

अरविंद मोहंती ने सरकारी सेवा में अपना करियर 1997 में जूनियर इंजीनियर के रूप में शुरू किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस समय उनका मासिक वेतन करीब 5,000 रुपये था।

वर्ष 2013 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके बाद 2023 में वह असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बने।

सरकारी सेवा में कई वर्षों तक काम करने के बाद जनवरी 2025 में उनकी नियुक्ति बेतनटी में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के रूप में हुई। इसके बाद 29 सितंबर 2026 को उन्हें कार्यकारी अभियंता यानी Executive Engineer के पद पर पदोन्नत किया गया।

विजिलेंस अब उनकी लंबी सरकारी सेवा के दौरान अर्जित संपत्तियों और आय का वित्तीय विश्लेषण कर रही है।

पदोन्नति के कुछ ही दिन बाद जांच में गिरफ्तारी

मोहंती को 29 सितंबर 2026 को कार्यकारी अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उनकी संपत्तियों से जुड़े परिसरों पर विजिलेंस की कार्रवाई हुई।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी पदोन्नति और बाद की विजिलेंस कार्रवाई के बीच कोई सीधा संबंध है। जांच एजेंसी का मामला कथित आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है और इसकी कानूनी स्थिति जांच तथा अदालत की प्रक्रिया से तय होगी।

भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला

विजिलेंस ने मोहंती के खिलाफ Prevention of Corruption Act, 2018 के तहत मामला दर्ज किया है। आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करती है कि किसी सरकारी कर्मचारी के पास उसकी ज्ञात आय के मुकाबले अनुपातहीन संपत्ति तो नहीं है।

ऐसे मामलों में संपत्ति का स्वामित्व, अधिग्रहण की तारीख, खरीद का मूल्य, वित्तीय स्रोत और संबंधित दस्तावेज जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

मोहंती के मामले में 23 प्लॉट, दो बहुमंजिला इमारत, पांच एकड़ का फार्महाउस, नकदी, बैंक जमा, सोना और वाहन जांच के प्रमुख बिंदु हैं।

तकनीकी टीम कर रही है संपत्तियों का मूल्यांकन

विजिलेंस की तकनीकी शाखा अब जमीन और अन्य अचल संपत्तियों की माप तथा मूल्यांकन कर रही है। यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आय से अधिक संपत्ति के मामले में केवल संपत्तियों की संख्या नहीं, बल्कि उनका वास्तविक मूल्य और अधिकारी की वैध आय के साथ उसका अनुपात भी मायने रखता है।

फार्महाउस में मौजूद मछली पालन तालाब और पोल्ट्री फार्म से संबंधित आर्थिक गतिविधियों का भी मूल्यांकन किया जा सकता है। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि इन परिसंपत्तियों से कोई आय हुई थी या नहीं और यदि हुई तो उसका रिकॉर्ड क्या है।

अदालत में पेश किए जाने की तैयारी

गिरफ्तारी के बाद मोहंती को बारीपदा स्थित विशेष विजिलेंस अदालत के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। आगे की न्यायिक प्रक्रिया में जांच एजेंसी अपने आरोपों और बरामदगी से जुड़े दस्तावेज अदालत के सामने रखेगी।

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को अपने बचाव का पूरा कानूनी अधिकार होगा। जांच पूरी होने के बाद अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और बचाव पक्ष की दलीलों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।

जांच अभी जारी

विजिलेंस ने स्पष्ट रूप से संपत्तियों और वित्तीय विवरणों की जांच जारी रखी है। इसलिए इस चरण में सामने आए आंकड़ों को प्रारंभिक जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए।

यदि जांच में यह स्थापित होता है कि संबंधित संपत्तियां और वित्तीय संसाधन वैध आय से मेल नहीं खाते, तो मामला आगे अभियोजन और न्यायिक परीक्षण की दिशा में बढ़ सकता है। वहीं, आरोपी पक्ष के पास संपत्तियों के स्रोत और स्वामित्व को लेकर स्पष्टीकरण देने का कानूनी अधिकार है।

ओडिशा में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में विजिलेंस की कार्रवाई भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी का हिस्सा है। मोहंती का मामला अब अदालत और विस्तृत वित्तीय जांच के चरण में है। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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