वाराणसी में सपा और नेशनल इक्वल पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR के दौरान नाम हटाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वाराणसी: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में समाजवादी पार्टी और नेशनल इक्वल पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को वाराणसी के शास्त्री घाट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
शास्त्री घाट पर प्रदर्शन, CEC को हटाने की मांग
वाराणसी में सपा और नेशनल इक्वल पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव उर्फ लक्कड़ पहलवान और नेशनल इक्वल पार्टी के शशि प्रताप सिंह ने किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर कई तरह की आशंकाएं सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि मतदाताओं के नाम हटाने से पहले पर्याप्त सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर वाराणसी जिले के लिए SIR 2026 से संबंधित मतदाता सूचियां और नो-मैपिंग तथा तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
जिला मुख्यालय पर फूंका चुनाव आयोग का पुतला
शास्त्री घाट पर प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग का पुतला फूंका और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान कुछ यूट्यूबरों और सपा कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी होने के बाद नोकझोंक की स्थिति भी बनी। मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
सपा कार्यकर्ताओं का मुख्य आरोप मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से जुड़ा है। पार्टी की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। वाराणसी का प्रदर्शन भी इसी मुद्दे से जुड़ा बताया गया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी सपा कार्यकर्ताओं की ओर से CEC के खिलाफ प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग सामने आई है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
कार्यक्रम में चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह समेत सपा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें दीपचंद गुप्ता, अभिषेक यादव उर्फ गुड्डू, अखिलेश मिश्रा, महेंद्र यादव, डॉ. उमाशंकर, संजय यादव, उमाकांत त्रिपाठी, गोपाल पांडेय, सतीश यादव, लवकुश यादव, संगीता यादव, गोपाल यादव, अमरनाथ, धर्मेंद्र यादव, अजीत पाल, कन्हैयालाल एडवोकेट, अखिलेश यादव, इस्माइल खान और लाल यादव सहित अन्य लोग शामिल रहे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के CEC हैं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
इस बीच SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से भी मतदाता सूची में छूटे नामों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान की जानकारी सामने आई है। आयोग ने ऐसे मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया पर भी जोर दिया है, जिनके नाम पुनरीक्षण के दौरान छूट गए हों।
वाराणसी में हुए प्रदर्शन के दौरान सपा ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांगों और चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर आगे की स्थिति संबंधित प्रशासनिक एवं निर्वाचन स्तर पर स्पष्ट होगी।












