71 की उम्र में नाना पाटेकर ने की केदारनाथ की चढ़ाई, पहाड़ों की खूबसूरती और सादगी ने जीता दिल

2022 में फिल्म शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने 71 साल की उम्र में केदारनाथ की कठिन चढ़ाई की। पहाड़ी संस्कृति, भोजन और प्रकृति ने जीता दिल।

2022 में मराठी फिल्म की शूटिंग के लिए उत्तराखंड पहुंचे नाना पाटेकर ने 71 साल की उम्र में केदारनाथ की कठिन चढ़ाई की थी। इस दौरान उन्होंने पहाड़ी संस्कृति, स्थानीय भोजन और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से अनुभव किया।

नाना पाटेकर केदारनाथ यात्रा: बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का उत्तराखंड से जुड़ा एक पुराना सफर एक बार फिर चर्चा में है। वर्ष 2022 में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने 71 साल की उम्र में केदारनाथ की चढ़ाई की थी। रुद्रप्रयाग और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बिताए समय के दौरान उन्होंने स्थानीय संस्कृति, खान-पान और पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखा।

फिल्म की शूटिंग के लिए उत्तराखंड पहुंचे थे नाना पाटेकर

नाना पाटेकर का उत्तराखंड से जुड़ाव सिर्फ फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2022 में वह एक मराठी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में उत्तराखंड पहुंचे थे। फिल्म की कहानी पिता और बेटे के रिश्ते पर आधारित थी और इसके कई दृश्यों की शूटिंग उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में की गई थी।

शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने रुद्रप्रयाग, चमोली, चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुंड और मलारी जैसे इलाकों में समय बिताया। इन क्षेत्रों की प्राकृतिक खूबसूरती ने उन्हें उत्तराखंड को करीब से जानने और समझने का मौका दिया।

फिल्म के लिए चुने गए पहाड़ी इलाके अपनी हरियाली, शांत वातावरण और खूबसूरत वादियों के लिए जाने जाते हैं। कई दिनों तक इन क्षेत्रों में रहने के कारण नाना पाटेकर को पहाड़ी जीवनशैली और स्थानीय माहौल को करीब से देखने का अवसर मिला।

71 साल की उम्र में की केदारनाथ की कठिन चढ़ाई

इस पूरे सफर का सबसे खास हिस्सा नाना पाटेकर की केदारनाथ यात्रा रही। फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने 71 वर्ष की उम्र में केदारनाथ की कठिन चढ़ाई की थी। वह केदारनाथ-भैरवनाथ पहाड़ी क्षेत्र तक भी पहुंचे थे।

उनकी इस यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया था। इसमें वह पहाड़ी रास्ते पर आगे बढ़ते हुए दिखाई दिए थे। उम्र के इस पड़ाव में कठिन पहाड़ी रास्ते पर चलते अभिनेता को देखकर उनके प्रशंसकों ने उनकी खूब सराहना की थी।

केदारनाथ की यात्रा नाना पाटेकर के उत्तराखंड प्रवास का सबसे यादगार हिस्सा बन गई। शूटिंग के व्यस्त कार्यक्रम के बीच पहाड़ों की यात्रा ने उन्हें अलग अनुभव दिया।

मंडुवे की रोटी और पहाड़ी खाना आया पसंद

उत्तराखंड प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने प्राकृतिक सुंदरता के साथ स्थानीय खान-पान का भी आनंद लिया। फिल्म के लाइन प्रोड्यूसर त्रिभुवन चौहान के अनुसार, उन्हें पहाड़ी भोजन में मंडुवे की रोटी और राई-पालक की सब्जी काफी पसंद आई थी।

स्थानीय भोजन के अलावा पहाड़ी संस्कृति ने भी उनका ध्यान खींचा। नाना पाटेकर पहाड़ी टोपी पहने हुए भी नजर आए थे। इससे उनके उत्तराखंड प्रवास में स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।

पहाड़ों की सादगी ने छोड़ी खास छाप

नाना पाटेकर के लिए उत्तराखंड का यह दौरा केवल फिल्म की शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, स्थानीय भोजन और लोगों की सादगी ने उनके इस सफर को खास बना दिया।

गढ़वाल के अलग-अलग इलाकों में कई दिनों तक रहने और केदारनाथ की यात्रा करने के कारण उत्तराखंड से जुड़ी कई यादें उनके साथ बनीं। 2022 में हुआ यह सफर उनके उत्तराखंड प्रवास के सबसे खास अनुभवों में शामिल रहा।

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