PM Modi का बड़ा बयान, मोबाइल अब सिर्फ चैटिंग तक सीमित नहीं; 5G से गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा

PM Modi ने IMC 2026 में कहा कि मोबाइल अब सिर्फ चैटिंग तक सीमित नहीं है। 5G विस्तार से गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल अवसर बढ़े हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में भारत के 5G विस्तार, तेज इंटरनेट, गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन की बढ़ती भूमिका पर बात की। उन्होंने डिजिटल कनेक्टिविटी, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा को भारत की तकनीकी प्रगति से जोड़ा।

Tech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में भारत के डिजिटल और टेलीकॉम बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल अब सिर्फ चैटिंग का माध्यम नहीं रह गया है। 5G विस्तार से इंटरनेट स्पीड बढ़ी है और गेमिंग व कंटेंट क्रिएशन के नए अवसर पैदा हुए हैं।

5G विस्तार से बदली मोबाइल इंटरनेट की तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण को संबोधित करते हुए भारत के टेलीकॉम और डिजिटल क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र किया। एयरफोर्स डे के मौके पर दिए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत या चैटिंग का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल अर्थव्यवस्था, मनोरंजन, कारोबार और क्रिएटिव इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में इसी मंच से भारत में 5G सेवाओं की शुरुआत हुई थी। उनके अनुसार, देश में अब 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन सक्रिय हैं। 5G नेटवर्क के विस्तार के साथ भारत में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड 2022 की तुलना में करीब 10 गुना तक बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल नेटवर्क विस्तार पर ही नहीं, बल्कि रिसर्च और वैश्विक तकनीकी मानकों के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।

मोबाइल बना गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन का प्लेटफॉर्म

पीएम मोदी ने मोबाइल टेक्नोलॉजी के बदलते इस्तेमाल पर भी बात की। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन अब केवल चैटिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला डिवाइस नहीं है। मोबाइल ने गेमिंग, वीडियो निर्माण और डिजिटल मनोरंजन के लिए नए अवसर खोले हैं।

प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत में 50 करोड़ से अधिक लोग गेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े हैं। इस क्षेत्र में युवा नए कारोबार और स्टार्टअप तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं में ओटीटी और वीडियो प्लेटफॉर्म के विस्तार ने कंटेंट इंडस्ट्री के लिए बड़ा बाजार तैयार किया है।

रीजनल डिजिटल कंटेंट के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय भाषाओं के दर्शकों तक पहुंच आसान हुई है। इससे छोटे शहरों और अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के क्रिएटर्स के लिए भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बनाने के अवसर बढ़े हैं।

DBT से डिजिटल गवर्नेंस को मिला बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने डिजिटल कनेक्टिविटी को गुड गवर्नेंस से भी जोड़ा। उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक ने सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद की है।

पीएम के अनुसार, DBT के माध्यम से करीब 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की लीकेज को रोकने में मदद मिली है। उन्होंने पीएम किसान जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें डिजिटल माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचती है।

साइबर सुरक्षा पर ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत

प्रधानमंत्री ने डिजिटल विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की चुनौती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी बड़े स्तर पर सफल हो सकती है, जब लोगों का उस पर भरोसा बना रहे। साइबर अपराध किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं हैं, इसलिए इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग जरूरी है।

उन्होंने सरकारों, टेक कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से साइबर फ्रॉड रोकने के लिए एक मजबूत वैश्विक फ्रेमवर्क तैयार करने की अपील की। इसका उद्देश्य डिजिटल धोखाधड़ी को आम नागरिकों तक पहुंचने से पहले रोकने के लिए साझा व्यवस्था विकसित करना है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने डिजिटल कनेक्टिविटी, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी निर्माण को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।

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