देहरादून में भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन पर दूसरे दिन भी बैठक, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर

देहरादून में भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह की बैठक के दूसरे दिन सीमा सुरक्षा, निगरानी और सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

देहरादून में भारत और नेपाल के बीच 14वें संयुक्त कार्य समूह की बैठक शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा, निगरानी और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा की।

देहरादून: भारत और नेपाल के बीच सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर 14वें संयुक्त कार्य समूह की बैठक शुक्रवार को दूसरे और अंतिम दिन भी जारी रही। ताज होटल में आयोजित बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने समेत कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया। दोनों प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों ने किया।

सीमा सुरक्षा और निगरानी पर हुआ मंथन

देहरादून में भारत और नेपाल के बीच 14वें संयुक्त कार्य समूह की बैठक दूसरे दिन भी जारी रही। बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर रहा।

उच्चस्तरीय बैठक में सीमा सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने और आपसी समन्वय बढ़ाने पर विचार किया।

सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर भी चर्चा

बैठक में सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

सीमा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा और विकास दोनों पहलुओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया।

दोनों देशों के संयुक्त सचिवों ने संभाली कमान

ताज होटल में आयोजित बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु कर रही हैं। वहीं, नेपाली प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेपाल के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले कर रहे हैं।

14वें संयुक्त कार्य समूह की यह बैठक दो दिनों तक चल रही है। शुक्रवार को बैठक का अंतिम दिन है, जिसमें सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा जारी है।

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