फूड सेक्टर (Food Sector) की भारतीय कंपनियों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच अब और आसान होने जा रही है। ट्रेड प्रोमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Trade Promotion Council of India) के प्रयासों से संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) के प्रसिद्ध अबू धाबी फूड हब (Abu Dhabi Food Hub) में इंडो-फूड पार्क (Indo Food Park) विकसित किया जा रहा है।
बिजनेस न्यूज़: भारत के फूड सेक्टर को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख लॉजिस्टिक्स और फूड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Abu Dhabi Food Hub में ‘इंडो फूड पार्क’ की शुरुआत होने जा रही है। इस पहल को भारतीय फूड एक्सपोर्टर्स के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट ट्रेड प्रोमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (TPCI) के सहयोग से आगे बढ़ रहा है और इसका उद्देश्य भारतीय खाद्य उत्पादों को मध्य पूर्व, अफ्रीका और वैश्विक बाजारों तक आसान पहुंच दिलाना है।
इंडो फूड पार्क: भारतीय कंपनियों के लिए ग्लोबल गेटवे
अबू धाबी फूड हब में स्थापित होने वाला यह इंडो-फूड पार्क भारतीय कंपनियों के लिए एक समर्पित प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। यहां कंपनियां अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकेंगी, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संपर्क कर सकेंगी और निर्यात ऑर्डर हासिल कर सकेंगी। यह पहल विशेष रूप से उन भारतीय फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के लिए लाभदायक मानी जा रही है जो पहले सीमित निर्यात नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स बाधाओं का सामना कर रही थीं।
Abu Dhabi Food Hub को दुनिया के सबसे आधुनिक फूड ट्रेड और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में से एक माना जाता है। यह लगभग 3.3 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म है, जो खाद्य उत्पादन, भंडारण, वितरण और निर्यात से जुड़े सभी पक्षों को जोड़ता है। यह हब विभिन्न श्रेणियों के लिए विशेष ज़ोन में विभाजित है, जिनमें शामिल हैं—
- ताजा खाद्य सामग्री (Fresh Produce)
- डेयरी और मांस उत्पाद
- सीफूड
- ड्राई फूड और पैकेज्ड आइटम
यहां आधुनिक कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल ट्रेडिंग सिस्टम और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को तेज और सुरक्षित बनाती हैं।

रणनीतिक लोकेशन से मिलेगा बड़ा फायदा
अबू धाबी और दुबई के बीच स्थित यह फूड हब समुद्री, हवाई और सड़क मार्गों से सीधे जुड़ा हुआ है। इस रणनीतिक लोकेशन के कारण यह पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेडिंग गेटवे बन जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस हब से भारतीय कंपनियों को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान मिलेगा और निर्यात की लागत भी कम हो सकती है।
UAE अपनी खाद्य आवश्यकताओं के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। अनुमान के अनुसार, देश की लगभग 85 से 90 प्रतिशत खाद्य मांग आयात से पूरी होती है। भारत पहले से ही UAE के प्रमुख खाद्य आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है और वर्तमान में वहां के फूड मार्केट में उसकी हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत के आसपास है।
भारत और UAE के बीच आर्थिक साझेदारी को India–UAE Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के तहत और मजबूत किया गया है, जिससे खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और निर्यात क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है।










