शेयर बाजार में जारी भारी बिकवाली के बीच प्रॉपर्टी शेयरों में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। 11 सितंबर को निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 4% टूटकर दो महीने से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में जारी बिकवाली का दबाव अब रियल एस्टेट सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। 11 सितंबर को प्रमुख रियल्टी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते Nifty Realty Index शुरुआती कारोबार में 4 फीसदी से अधिक फिसलकर करीब 832 के स्तर पर पहुंच गया। यह इंडेक्स दो महीने से ज्यादा समय के निचले स्तर पर आ गया है।
रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का असर Godrej Properties, Lodha Developers, Prestige Estates, DLF और Oberoi Realty समेत कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में Godrej Properties करीब 6.2 फीसदी, Lodha Developers 6 फीसदी और Prestige Estates लगभग 4.6 फीसदी नीचे आ गए। DLF और Oberoi Realty में भी 4 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
Property Shares में क्यों आई तेज गिरावट?
रियल्टी शेयरों में यह कमजोरी ऐसे समय आई है जब वैश्विक बाजारों में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ रही है। अमेरिका से आए Producer Price Inflation यानी PPI के आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। ऊर्जा कीमतों में तेजी से महंगाई का दबाव फिर बढ़ने की आशंका है। तेल की कीमतों में लगातार मजबूती का असर केवल ऊर्जा कंपनियों तक सीमित नहीं रहता। महंगा कच्चा तेल वैश्विक स्तर पर महंगाई को बढ़ा सकता है, जिससे केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में नरमी की गुंजाइश कम हो सकती है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तेजी ने इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 5 फीसदी के करीब पहुंचने से निवेशकों के बीच जोखिम वाली परिसंपत्तियों को लेकर सतर्कता बढ़ी है। ऐसे माहौल में रियल एस्टेट जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टर में मुनाफावसूली तेज हो सकती है।
किन रियल्टी शेयरों पर पड़ा असर?
Nifty Realty Index में शामिल कई प्रमुख शेयरों में कमजोरी देखी गई। Phoenix Mills, Brigade Enterprises, Anant Raj, Sobha, DLF, Oberoi Realty, Prestige Estates, Lodha Developers और Godrej Properties दबाव में कारोबार करते नजर आए। रियल एस्टेट कंपनियों के लिए ब्याज दरें और आर्थिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि घरों की मांग के साथ-साथ डेवलपर्स की फंडिंग लागत भी बाजार की दिशा को प्रभावित करती है। इसलिए वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में तेजी और ब्याज दरों की चिंता का असर इस सेक्टर के शेयरों पर अपेक्षाकृत ज्यादा देखा जा सकता है।

क्या गिरावट में खरीदारी का मौका है?
तेज गिरावट के बीच कुछ बाजार विशेषज्ञ इसे संभावित accumulation opportunity के तौर पर देख रहे हैं। आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के जिगर एस. पटेल के अनुसार, Nifty Realty में हाल की कमजोरी के बावजूद तकनीकी संकेतों में कुछ सकारात्मक पहलू दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक इंडेक्स का डेली RSI एक hidden bullish divergence बना रहा है, जिसे आंतरिक मजबूती का संकेत माना जा सकता है। उनका अनुमान है कि 820-840 का क्षेत्र इंडेक्स के लिए आधार तैयार कर सकता है। वहीं 811 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट और 860 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक को तुरंत रियल्टी शेयरों में पैसा लगाना चाहिए। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी रहने पर सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
DLF पर क्या है एक्सपर्ट की रणनीति?
जिगर एस. पटेल ने DLF को लेकर 615-630 रुपये के क्षेत्र में खरीदारी पर विचार करने की रणनीति बताई है। उनके तकनीकी सेटअप के अनुसार 580 रुपये का स्तर स्टॉप लॉस के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि 700 रुपये का लक्ष्य रखा गया है। उनका मानना है कि यदि Nifty Realty 820-840 के क्षेत्र के ऊपर टिकता है और इसके बाद 860 के स्तर को मजबूती से पार करता है, तो पूरे रियल्टी सेक्टर का तकनीकी आउटलुक बेहतर हो सकता है। ऐसी स्थिति में DLF जैसी प्रमुख कंपनियों में भी तेजी की गुंजाइश बन सकती है।











