Bank Strike 2026: देशभर में बैंक हड़ताल का असर, 7000 शाखाओं का काम प्रभावित

Bank Strike 2026 का असर देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा है। हड़ताल के कारण करीब 7000 बैंक शाखाओं का काम प्रभावित हुआ है। जानें ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा।

देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा। पांच दिन का वर्किंग वीक लागू करने और वेतन से जुड़ी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग को लेकर UFBU ने देशव्यापी हड़ताल बुलाई थी।

बिजनेस न्यूज़: भारत में शुक्रवार को हुई Bank Strike 2026 का असर बैंकिंग सेवाओं पर साफ दिखाई दिया। पांच दिन के कार्य सप्ताह समेत कई लंबित मांगों को लेकर United Forum of Bank Unions (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। हड़ताल के कारण खास तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हुआ।

मध्य प्रदेश में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। बैंक कर्मचारी संगठनों के अनुसार, राज्य में करीब 7,000 बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह या आंशिक रूप से प्रभावित रहा। संगठनों का अनुमान है कि इससे राज्य में लगभग 5,500 करोड़ रुपये के दैनिक बैंकिंग कारोबार पर असर पड़ा।

कैश और चेक से जुड़े काम सबसे ज्यादा प्रभावित

बैंक हड़ताल का सबसे सीधा असर उन सेवाओं पर पड़ा जिनके लिए ग्राहकों को शाखा में जाना पड़ता है। नकद राशि जमा करने या निकालने, चेक से जुड़े काम, दस्तावेजी प्रक्रिया और कई प्रशासनिक सेवाएं प्रभावित रहीं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बड़ी संख्या में शाखाओं में कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। ऐसे में जिन ग्राहकों को शाखा जाकर जरूरी बैंकिंग काम निपटाने थे, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर सीमित स्टाफ के साथ सेवाएं उपलब्ध कराने की कोशिश भी की गई, लेकिन सामान्य बैंकिंग संचालन पर असर बना रहा।

हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा। UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी ऑनलाइन सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं। इसका मतलब है कि डिजिटल माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने या अन्य ऑनलाइन लेनदेन करने वाले ग्राहकों को शाखा आधारित सेवाओं की तुलना में कम परेशानी हुई।

Private Banks पर सीमित असर

UFBU देश के प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों का संयुक्त मंच है। इसमें सात बैंक यूनियन शामिल हैं और संगठन के अनुसार यह बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों और अधिकारियों के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। हालांकि, इस हड़ताल का मुख्य असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर देखने को मिला। अधिकांश बड़े निजी बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहा। 

इसलिए निजी बैंक के ग्राहक कई नियमित सेवाओं का इस्तेमाल सामान्य तरीके से कर सके। इस अंतर की वजह से बैंक ग्राहकों पर हड़ताल का असर उनके बैंक और सेवा के प्रकार के आधार पर अलग-अलग रहा।

पांच दिन का Work Week सबसे बड़ी मांग

बैंक कर्मचारी यूनियनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी लागू करना है। फिलहाल भारत में बैंक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को काम करते हैं, जबकि दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में पांच दिन के कार्य सप्ताह के मुद्दे पर सहमति बनने के बाद भी इसके औपचारिक क्रियान्वयन के लिए सरकारी अधिसूचना का इंतजार है।

इसके अलावा बैंक कर्मचारी संगठनों की ओर से पेंशन से जुड़े सुधार, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और National Pension System (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना यानी Old Pension Scheme (OPS) में जाने का विकल्प देने जैसी मांगें भी उठाई जा रही हैं।

SBI ने पहले ही ग्राहकों को किया था अलर्ट

हड़ताल की संभावित स्थिति को देखते हुए देश के प्रमुख सरकारी बैंकों ने ग्राहकों को पहले ही जानकारी दे दी थी। State Bank of India (SBI) ने भी कहा था कि सामान्य बैंकिंग सेवाओं को बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन हड़ताल में कर्मचारियों की भागीदारी के कारण कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंकों की ओर से ग्राहकों को डिजिटल चैनलों का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई थी, ताकि शाखाओं पर निर्भरता कम की जा सके।

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