NSE IPO: ₹30,000 करोड़ से घटकर ₹25,000 करोड़ हो सकता है इश्यू, GMP में उछाल

NSE IPO का साइज ₹30,000 करोड़ से घटकर करीब ₹24,000-25,000 करोड़ हो सकता है। वहीं NSE IPO GMP में तेजी आई है। जानें इश्यू साइज और ग्रे मार्केट प्रीमियम से जुड़ी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO का आकार पहले के अनुमान से कम हो सकता है। कुछ शेयरधारकों के OFS से पीछे हटने के कारण बिक्री के लिए पेश की जाने वाली हिस्सेदारी 6% से घटकर करीब 5.2-5.5% रह सकती है।

बिजनेस न्यूज़: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल NSE का आईपीओ पहले करीब ₹30,000 करोड़ का माना जा रहा था और इसके साथ ही इसके भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, अब रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी प्रस्तावित इश्यू का आकार कम करने पर विचार कर रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, NSE का आईपीओ अब करीब ₹24,000 करोड़ से ₹25,000 करोड़ के बीच हो सकता है। पहले इसका आकार लगभग ₹30,000 करोड़ रहने की चर्चा थी। इश्यू का आकार घटने की मुख्य वजह कुछ मौजूदा शेयरधारकों का ऑफर फॉर सेल (OFS) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना से पीछे हटना बताया जा रहा है।

कितना हो सकता है NSE IPO का प्राइस बैंड?

रिपोर्ट के मुताबिक, NSE के आईपीओ के लिए प्रस्तावित प्राइस बैंड करीब ₹1,750 प्रति शेयर हो सकता है। हालांकि, अंतिम प्राइस बैंड और इश्यू का आकार आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। मौजूदा योजना में करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बाजार में लाने की बात थी। अब यह हिस्सेदारी घटकर लगभग 5.2 से 5.5 प्रतिशत रह सकती है। शेयरधारकों की ओर से बिक्री में संभावित बदलाव का सीधा असर आईपीओ के कुल आकार पर पड़ सकता है।

अगर NSE ₹30,000 करोड़ के बजाय ₹24,000-25,000 करोड़ का आईपीओ लाता है, तो यह भारत के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड बनाने से पीछे रह जाएगा। ₹27,870 करोड़ का Hyundai Motor India IPO अक्टूबर 2024 में आया था और फिलहाल यह देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल है। हालांकि, भविष्य में प्रस्तावित Jio Platforms का करीब ₹37,000 करोड़ का आईपीओ इस रिकॉर्ड को बदल सकता है।

NSE IPO: ₹30,000 करोड़ से घटकर ₹25,000 करोड़ हो सकता है इश्यू, GMP में उछाल

पितृ पक्ष से पहले IPO लाने की तैयारी

रिपोर्टों के अनुसार, NSE अपने आईपीओ की प्रक्रिया को 26 सितंबर से शुरू होने वाले पितृ पक्ष से पहले पूरा करना चाहता है। इसी वजह से सितंबर में ही आईपीओ लाने की संभावना पर चर्चा तेज हुई है। बाजार से जुड़ी रिपोर्टों में NSE IPO के 18 सितंबर के आसपास खुलने की संभावना जताई गई है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि IPO की ओपनिंग डेट, प्राइस बैंड, इश्यू साइज और अन्य शर्तों की अंतिम पुष्टि कंपनी और संबंधित नियामकीय प्रक्रिया के बाद ही होगी।

NSE को 4 सितंबर को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से आईपीओ आगे बढ़ाने की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद एक्सचेंज के संभावित आईपीओ को लेकर बाजार में गतिविधियां और निवेशकों की उत्सुकता बढ़ गई है।

NSE IPO का GMP कितना है?

NSE के संभावित आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में भी हलचल देखने को मिल रही है। उपलब्ध बाजार रिपोर्टों के अनुसार, NSE का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) एक दिन में ₹10 बढ़कर करीब ₹255 हो गया है। इससे पहले यह लगभग ₹245 बताया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, NSE का अनलिस्टेड शेयर बुधवार को करीब ₹2,025 पर बंद हुआ। 

यदि प्रस्तावित इश्यू प्राइस ₹1,750 और मौजूदा GMP ₹255 को आधार माना जाए, तो ग्रे मार्केट में शेयर की संभावित कीमत करीब ₹2,005 बनती है। हालांकि, GMP आधिकारिक या गारंटीड रिटर्न का संकेत नहीं होता और लिस्टिंग तक इसमें बड़ा बदलाव हो सकता है।

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