यूक्रेन और मोल्दोवा ने उस दावे को कम करके बताया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का विमान मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। दोनों देशों ने घटना का अलग विवरण दिया।
कीव: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के विमान को लेकर सामने आए ड्रोन खतरे के दावे पर यूक्रेन और मोल्दोवा ने स्थिति स्पष्ट की है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने दावा किया था कि जेलेंस्की को लेकर जा रहा विमान मोल्दोवा से उड़ान भरते समय एक ड्रोन की चपेट में आने से लगभग बच गया था। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के एक सूत्र ने इस दावे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने नॉर्वे के सार्वजनिक प्रसारक NRK से बातचीत में कहा कि जेलेंस्की का विमान मोल्दोवा से उड़ान भरते समय एक ड्रोन के बेहद करीब पहुंच गया था। उनके अनुसार, विमान पर संभावित खतरे की स्थिति उस समय बनी जब जेलेंस्की नॉर्वे की यात्रा पर जा रहे थे।
स्टोरे के इस बयान के बाद घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े एक सूत्र ने राष्ट्रपति के लिए वास्तविक खतरे के दावे को “अतिशयोक्तिपूर्ण” बताया। इससे संकेत मिला कि घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों के आकलन में अंतर है।
मोल्दोवा में क्या हुआ था?
मोल्दोवा की राजधानी चिशिनाउ में सरकार के प्रवक्ता दुमित्रु चियोरिची ने घटना की अलग जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर स्थानीय समयानुसार लगभग 4:30 बजे मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद किया गया था।
उनके अनुसार, यह कदम उस समय उठाया गया जब यूक्रेन की दिशा से आने वाला एक रूसी ड्रोन मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। अधिकारियों ने विमानन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाई क्षेत्र में उड़ान संचालन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया।
सात उड़ानों पर पड़ा असर
मोल्दोवा सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, हवाई क्षेत्र बंद किए जाने से उस समय मोल्दोवा के ऊपर उड़ान भर रहे विमानों को प्रभावित होने से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय किए गए। इसके चलते तीन प्रस्थान और चार आगमन वाली उड़ानों में देरी हुई।
यह प्रतिबंध लंबे समय तक जारी नहीं रहा। अधिकारियों ने ड्रोन के नीचे गिरने और विस्फोट होने की पुष्टि के बाद हवाई क्षेत्र में लगाए गए उड़ान प्रतिबंध हटा दिए।
ड्रोन चिशिनाउ एयरपोर्ट से 160 किलोमीटर दूर गिरा
मोल्दोवा के अधिकारियों के अनुसार, शाम 5:20 बजे के बाद यह पुष्टि हुई कि ड्रोन नीचे गिरकर विस्फोट कर चुका था। यह घटना चिशिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 160 किलोमीटर यानी करीब 100 मील दूर हुई।
इसके बाद हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए गए। मोल्दोवा सरकार के अनुसार, इसी सुरक्षा स्थिति के कारण जेलेंस्की के विमान को भी अपने निर्धारित समय से बाद में उड़ान भरनी पड़ी।
जेलेंस्की का विमान सुरक्षित नॉर्वे पहुंचा
जेलेंस्की मंगलवार शाम नॉर्वे पहुंच गए। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे के साथ बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोलटेनबर्ग और विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे से भी मुलाकात की।
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बैठकों में यूक्रेन के लिए नॉर्वे की सैन्य सहायता, जिसमें वायु रक्षा सहयोग भी शामिल है, तथा नागरिक सहायता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ऐसे समय में जब यूक्रेन अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रहा है, नॉर्वे के साथ यह चर्चा विशेष महत्व रखती है।
नॉर्वे में किंग हेराल्ड के अंतिम संस्कार में शामिल हुए
नॉर्वे पहुंचने के बाद जेलेंस्की ने बुधवार को अन्य विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के साथ नॉर्वे के राजा हेराल्ड के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। राजा हेराल्ड का निधन 28 अगस्त को 89 वर्ष की आयु में हुआ था।
इस कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। जेलेंस्की की नॉर्वे यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा द्विपक्षीय वार्ता के साथ-साथ इस राजकीय कार्यक्रम में उनकी भागीदारी भी रही।
नॉर्वे के बाद कनाडा के लिए रवाना हुए जेलेंस्की
नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे के अनुसार, जेलेंस्की नॉर्वे से आगे कनाडा के लिए रवाना हुए। वहां उन्हें कनाडाई नेताओं के साथ बातचीत करनी थी। इस तरह उनकी यात्रा में नॉर्वे के साथ द्विपक्षीय संबंधों और यूक्रेन को समर्थन से जुड़े मुद्दों के बाद कनाडा के साथ वार्ता भी शामिल रही।
घटना को लेकर क्या स्पष्ट है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोल्दोवा ने एक रूसी ड्रोन के अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद अस्थायी रूप से एयरस्पेस बंद किया था। सुरक्षा कारणों से कई उड़ानों में देरी हुई और जेलेंस्की के विमान की उड़ान भी निर्धारित समय से बाद में हुई। ड्रोन बाद में चिशिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब 160 किलोमीटर दूर गिरकर विस्फोट हुआ।
हालांकि, यह दावा कि जेलेंस्की का विमान स्वयं ड्रोन की चपेट में आने के बेहद करीब था, यूक्रेनी पक्ष ने बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताया है। इसलिए घटना के दो अलग पहलू सामने आते हैं—एक ओर नॉर्वे के प्रधानमंत्री का विमान के लिए निकट खतरे का दावा है, जबकि दूसरी ओर यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े सूत्र ने इस आकलन को अतिशयोक्तिपूर्ण कहा है।
सुरक्षा और क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र पर असर
मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में ड्रोन के प्रवेश की घटना ने क्षेत्रीय विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता को रेखांकित किया। हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला सीधे तौर पर विमान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था। अधिकारियों की पुष्टि के बाद प्रतिबंध हटाए गए और सामान्य विमानन संचालन बहाल किया गया।
जेलेंस्की की यात्रा के दौरान हुई यह घटना इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि वह नॉर्वे में सैन्य और नागरिक सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत के लिए पहुंचे थे। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उनके विमान को वास्तविक नुकसान होने या उसमें सवार लोगों के घायल होने की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
कुल मिलाकर, मोल्दोवा में रूसी ड्रोन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई और कई उड़ानों में देरी हुई। जेलेंस्की के विमान की उड़ान भी इसी कारण देर से हुई। लेकिन विमान के ड्रोन से लगभग टकराने या सीधे खतरे में आने के दावे को यूक्रेनी पक्ष ने स्पष्ट रूप से कम करके बताया है।








