भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से वोडाफोन आइडिया को बड़ी वित्तीय राहत मिलने की खबर है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, SBI टेलीकॉम कंपनी को करीब 3.5 अरब डॉलर यानी लगभग 33,493 करोड़ रुपये का कर्ज देने की तैयारी में है।
Vodafone Idea Loan: कर्ज के बोझ से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अगुवाई में कुछ भारतीय बैंक कंपनी को करीब 3.5 अरब डॉलर यानी लगभग 33,493 करोड़ रुपये का कर्ज देने पर विचार कर रहे हैं। प्रस्तावित फंडिंग से Vodafone Idea को अपने नेटवर्क का विस्तार और अपग्रेड करने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस संभावित लोन की शर्तों में आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। कथित तौर पर बैंक चाहते हैं कि बिड़ला लोन की लगभग 10 साल की अवधि के दौरान कंपनी के चेयरमैन बने रहें और डिफॉल्ट की स्थिति में भुगतान की गारंटी भी दें।हालांकि, यह जानकारी फिलहाल रिपोर्ट्स और मामले से परिचित लोगों के हवाले से सामने आई है। Vodafone Idea और संबंधित बैंकों की ओर से इस प्रस्ताव पर तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Vodafone Idea को क्यों चाहिए इतनी बड़ी फंडिंग?
भारतीय टेलीकॉम बाजार में Vodafone Idea का मुकाबला देश की दो बड़ी कंपनियों Bharti Airtel और Reliance Jio से है। दोनों कंपनियां अपने 4G और 5G नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही हैं। ऐसे में Vodafone Idea के लिए नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना बेहद जरूरी माना जा रहा है। प्रस्तावित कर्ज से कंपनी को नेटवर्क क्षमता बढ़ाने, मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नई तकनीक में निवेश करने के लिए पूंजी मिल सकती है। इससे कंपनी को अपने ग्राहकों को बेहतर नेटवर्क और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Vodafone Idea लंबे समय से वित्तीय दबाव और बड़ी देनदारियों से जूझ रही है। ऐसे में बैंक फंडिंग कंपनी के लिए परिचालन और पूंजीगत खर्च की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
SBI के साथ कौन-कौन से बैंक शामिल हैं?

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संभावित वित्तीय पैकेज में State Bank of India (SBI) के अलावा कुछ अन्य घरेलू वित्तीय संस्थान भी शामिल हो सकते हैं। इनमें Union Bank of India और National Bank for Financing Infrastructure and Development (NaBFID) के नाम बताए गए हैं। मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, प्रस्तावित फाइनेंसिंग की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है। इसी वजह से संबंधित सूत्रों ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया।
यदि यह फंडिंग अंतिम रूप लेती है, तो यह Vodafone Idea के लिए भारतीय बैंकिंग क्षेत्र से मिलने वाले सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय सहयोग में से एक हो सकती है।
कुमार मंगलम बिड़ला के सामने क्या है 10 साल की शर्त?
रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों की ओर से प्रस्तावित लोन की अवधि करीब 10 साल हो सकती है। इसी अवधि के दौरान कुमार मंगलम बिड़ला के चेयरमैन पद पर बने रहने की शर्त रखे जाने की बात कही गई है। इसके अलावा कथित तौर पर डिफॉल्ट की स्थिति में भुगतान की गारंटी से जुड़ी शर्त भी प्रस्तावित है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बैंक की ओर से दिए जाने वाले बड़े कर्ज के जोखिम को कम करना हो सकता है।
हालांकि, इन शर्तों को लेकर अभी कोई अंतिम सार्वजनिक समझौता सामने नहीं आया है। इसलिए इन्हें फिलहाल प्रस्तावित फाइनेंसिंग की शर्तों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
Vodafone Idea Share Price पर असर
फंडिंग से जुड़ी इस खबर का असर शेयर बाजार में Vodafone Idea के शेयर पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में Vodafone Idea Share Price में करीब 1.8 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। शेयर ने शुरुआती कारोबार में 15.17 रुपये का ऊपरी स्तर और 14.84 रुपये का निचला स्तर छुआ। सुबह करीब 9:42 बजे कंपनी का शेयर 15.09 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव 14.90 रुपये की तुलना में लगभग 1.28 फीसदी ऊपर था।












