IPL 2026: आशीष नेहरा का ‘टेस्ट क्रिकेट फॉर्मूला’ बना गुजरात टाइटंस का सबसे बड़ा हथियार, टॉप-2 में मजबूत पकड़

Gujarat Titans के हेड कोच Ashish Nehra का ‘टेस्ट क्रिकेट फॉर्मूला’ IPL 2026 में टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। संतुलित रणनीति, अनुशासित गेंदबाजी और स्थिर

शुभमन गिल की कप्तानी में गुजरात टाइटंस की टीम आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम ने अब तक खेले गए 12 मैचों में से 8 में जीत दर्ज की है, जबकि 4 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) IPL 2026 में शानदार फॉर्म में नजर आ रही है और इस सफलता के पीछे उनकी एक अलग और बेहद प्रभावी रणनीति को बड़ी वजह माना जा रहा है। जहां बाकी टीमें टी20 क्रिकेट में स्लोअर बॉल, यॉर्कर और वैरिएशन पर निर्भर हैं, वहीं गुजरात टाइटंस ने पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट जैसी लाइन-लेंथ को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। शुभमन गिल की कप्तानी और आशीष नेहरा की कोचिंग में टीम ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो इस सीजन बाकी टीमों से उन्हें अलग खड़ा करता है।

12 मैचों में 8 जीत, पॉइंट्स टेबल में दूसरा स्थान

गुजरात टाइटंस ने अब तक 12 मैचों में 8 जीत हासिल की हैं, जबकि 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। इस प्रदर्शन के साथ टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर बनी हुई है।टीम न सिर्फ मैच जीत रही है, बल्कि अपनी गेंदबाजी रणनीति से विपक्षी टीमों के लिए लगातार नई चुनौती भी पेश कर रही है।गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज इस सीजन लगातार 6 से 8 मीटर की गुड लेंथ पर गेंदबाजी कर रहे हैं। यह वही क्षेत्र है जिसे टेस्ट क्रिकेट में सबसे प्रभावी माना जाता है।

टीम पावरप्ले में भी अलग रणनीति अपना रही है, जहां ज्यादातर टीमें वैरिएशन पर भरोसा करती हैं, वहीं गुजरात सीधे, आक्रामक और लगातार लाइन-लेंथ पर फोकस कर रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ देखने को मिला, जब मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को गुजरात ने सिर्फ 86 रन पर समेट दिया।

सिराज–रबाडा की जोड़ी ने पावरप्ले में रचा इतिहास

इस सीजन गुजरात टाइटंस ने पावरप्ले के शुरुआती 6 ओवर लगातार मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा से कराए हैं। यह IPL इतिहास में एक अनोखा प्रयोग माना जा रहा है, जहां दो गेंदबाज लगातार कई मैचों में बिना बदलाव के नई गेंद संभालते रहे। इन मैचों में गुजरात ने लगातार जीत दर्ज की, जिससे इस रणनीति की सफलता और मजबूत हो गई।

सिराज 140+ किमी/घंटा की रफ्तार और रबाडा 150 किमी/घंटा तक की स्पीड दोनों गेंदबाजों की लगातार सटीक लाइन-लेंथ ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

अहमदाबाद पिच ने बढ़ाया फायदा

गुजरात टाइटंस की सफलता में उनके होम ग्राउंड अहमदाबाद की पिच का भी अहम योगदान है। इस सीजन यह मैदान तेज गेंदबाजों के लिए सबसे मददगार पिचों में से एक साबित हुआ है। अहमदाबाद का फास्ट बॉलिंग एवरेज: 21.35 (सबसे बेहतर) इसी कारण टीम ने जेसन होल्डर और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे लंबे कद वाले गेंदबाजों को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर के मुताबिक, आशीष नेहरा की कोचिंग शैली पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट सोच से प्रभावित है। उनका मानना है कि, टी20 में बल्लेबाज वैरिएशन के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन लगातार हार्ड लेंथ और सटीक लाइन पर गेंदबाजी उन्हें रफ्तार से रन बनाने से रोक देती है। इसके अलावा स्पिनर आर. साई किशोर ने भी बताया कि टीम ने यॉर्कर और स्लोअर बॉल की बजाय स्ट्रेट और अटैकिंग लेंथ को प्राथमिकता दी है, जिसका उन्हें लगातार फायदा मिल रहा है।

Leave a comment