चुनाव आयोग ने देशभर में मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तीसरे चरण की घोषणा की है। आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से यह अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने देशभर में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तीसरे चरण की घोषणा की है। इस व्यापक अभियान के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
यह कदम चुनाव प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने और मतदाता सूची से जुड़ी त्रुटियों, दोहराव और अपात्र नामों को हटाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR?
इस चरण में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह चरण जनगणना से जुड़े हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के साथ समन्वय में चलाया जाएगा, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी तरह की दोहराव की स्थिति न बने।
चरणबद्ध तरीके से चलेगा पूरा कार्यक्रम
इस चरण में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल योग्य नागरिकों के नाम शामिल हों और किसी भी प्रकार की त्रुटि या फर्जी प्रविष्टि को हटाया जा सके। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है।
निर्वाचन आयोग ने SIR के लिए विस्तृत समय-सारणी जारी की है, जो मई से सितंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई से 28 जून 2026 तक घर-घर सत्यापन अभियान चलेगा अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी। महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, मेघालय और दिल्ली में प्रक्रिया जून के अंत से शुरू होकर 7 अक्टूबर 2026 तक पूरी होगी। अन्य राज्यों में भी इसी तरह चरणबद्ध तरीके से ड्राफ्ट सूची, दावा-आपत्ति और अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

लाखों BLO और BLA होंगे तैनात
इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने व्यापक मानव संसाधन की व्यवस्था की है, लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO)
करीब 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA), जो राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त होंगे। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे हर मतदान केंद्र पर अपने BLA नियुक्त करें ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सहभागी बन सके। इस चरण में शामिल राज्यों में महाराष्ट्र सबसे बड़ा राज्य है, जहां लगभग 9.86 करोड़ मतदाता हैं। अन्य प्रमुख आंकड़े:
- कर्नाटक: 5.55 करोड़ मतदाता
- आंध्र प्रदेश: 4.16 करोड़ मतदाता
- तेलंगाना: 3.39 करोड़ मतदाता
- दिल्ली: लगभग 1.48 करोड़ मतदाता
दिल्ली में इस प्रक्रिया के लिए 13,026 BLO और 28,881 BLA तैनात किए जाएंगे। आयोग के अनुसार, पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया था। उस दौरान लाखों BLO और BLA ने घर-घर जाकर डेटा अपडेट किया था।










