IPL 2026: BCCI ने सभी फ्रेंचाइजियों के लिए जारी किए सख्त सुरक्षा नियम, ‘हनी ट्रैप’ और प्रोटोकॉल उल्लंघन पर बढ़ी चिंता

IPL 2026 के बीच BCCI ने सभी फ्रेंचाइजियों के लिए नए और सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ‘हनी ट्रैप’, सुरक्षा चूक और प्रोटोकॉल उल्लंघन की आशंकाओं को देखते

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दौरान सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने सभी 10 आईपीएल फ्रेंचाइजियों को आठ पन्नों की विस्तृत एडवाइजरी और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किए हैं। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: Board of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) ने गुरुवार को Indian Premier League 2026 की सभी 10 फ्रेंचाइजियों को आठ पन्नों के विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर चिंता जताई गई है और साथ ही नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू की गई है। 

बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि टूर्नामेंट के संचालन, खिलाड़ियों की सुरक्षा, टीम प्रबंधन और आयोजन से जुड़े सभी मानकों को व्यवस्थित रखा जा सके।

BCCI ने क्यों जारी किए नए निर्देश?

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने सभी फ्रेंचाइजियों के सीईओ को पत्र लिखकर इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। बोर्ड ने माना कि मौजूदा सीजन के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने सुरक्षा और अनुशासन को लेकर चिंता बढ़ा दी। इसी वजह से BCCI ने फ्रेंचाइजियों से पेशेवर आचरण, सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल अनुपालन को सख्ती से लागू करने को कहा है।

BCCI की सबसे बड़ी चिंता खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के होटल कमरों में बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर है। बोर्ड के मुताबिक, कुछ मामलों में खिलाड़ियों ने टीम मैनेजर की अनुमति के बिना लोगों को निजी कमरों में बुलाया।

अब नए नियमों के तहत, किसी भी बाहरी व्यक्ति को टीम मैनेजर की पूर्व लिखित अनुमति के बिना खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के कमरे में प्रवेश नहीं मिलेगा।खिलाड़ियों और मेहमानों की मुलाकात केवल होटल की सार्वजनिक जगहों जैसे लॉबी या रिसेप्शन एरिया में ही होगी। निजी कमरे में किसी को बुलाने के लिए लिखित अनुमति अनिवार्य होगी।

‘हनी ट्रैप’ को लेकर BCCI की चेतावनी

BCCI ने फ्रेंचाइजियों और खिलाड़ियों को संभावित ‘हनी ट्रैप’ मामलों से सावधान रहने को भी कहा है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों से खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा और करियर दोनों प्रभावित हो सकते हैं। बोर्ड का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कानूनी विवादों और गंभीर आरोपों तक पहुंच सकती हैं। इसलिए सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को व्यक्तिगत सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

BCCI ने केवल खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि टीम मालिकों और उनके प्रतिनिधियों के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने पाया कि कुछ फ्रेंचाइजी मालिक मैच के दौरान या बाद में ड्रेसिंग रूम और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में खिलाड़ियों से मिलते देखे गए। इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना गया है। अब नए नियमों के अनुसार:

  • मैच के दौरान मालिक या उनके प्रतिनिधि बिना अनुमति डगआउट, ड्रेसिंग रूम या मैदान में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
  • प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश केवल आधिकारिक मंजूरी के आधार पर ही संभव होगा।
  • फ्रेंचाइजी प्रबंधन को अपने अधिकारियों और सहयोगियों को सभी नियमों की जानकारी पहले से देना अनिवार्य होगा।

IPL 2026 के दौरान रियान पराग से जुड़ी वेपिंग घटना के बाद BCCI ने इस मुद्दे पर भी सख्ती दिखाई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून के तहत वेपिंग और ई-सिगरेट प्रतिबंधित हैं। ऐसे में ड्रेसिंग रूम, टीम होटल, प्रैक्टिस एरिया या स्टेडियम परिसर में वेपिंग करना न केवल IPL नियमों का उल्लंघन होगा बल्कि भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध भी माना जाएगा।

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