जयपुर के सीकर रोड पर खेतान चौराहे के पास रोडवेज बस की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए। हादसे में चार वाहन क्षतिग्रस्त हुए। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू की।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार दोपहर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। सीकर रोड पर खेतान चौराहे के पास एक रोडवेज बस ने दो कारों, एक स्कूटी और एक बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक पर अपने बेटे के साथ जा रही 49 वर्षीय तुलसी देवी की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा और स्कूटी सवार महेश चौधरी घायल हो गए। पुलिस ने बस चालक राकेश कुमार को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त बस के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित 13 चालान लंबित होने की बात भी सामने आई है।
सीकर रोड पर दोपहर में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा बुधवार दोपहर करीब 2:45 बजे खेतान चौराहे के पास हुआ। उस समय चौराहे के नजदीक कट पर कुछ वाहन खड़े थे। इसी दौरान श्रीमाधोपुर से जयपुर की ओर आ रही रोडवेज बस ने आगे चल रही एक नीली कार को पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित कार पास में खड़ी एक बाइक से टकरा गई। बाइक पर तुलसी देवी अपने बेटे के साथ सवार थीं। टक्कर के बाद मां-बेटा सड़क पर गिर गए और महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।
प्रत्यक्ष घटनाक्रम से संबंधित जानकारी के अनुसार, कार का पहिया तुलसी देवी के ऊपर से गुजर गया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में उनके बेटे को भी चोटें आईं।
बस की चपेट में आई स्कूटी, चालक गंभीर रूप से घायल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बस ने पहली कार से टकराने के बाद एक स्कूटी और दूसरी कार को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के दौरान स्कूटी बस के अगले पहिए के नीचे फंस गई। स्कूटी चला रहे महेश चौधरी के पैर में फ्रैक्चर हुआ और उन्हें अन्य चोटें भी आईं।
दुर्घटना के बाद आसपास की दुकानों पर मौजूद लोग घायलों की मदद के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की। तुलसी देवी के बेटे और महेश चौधरी का उपचार कराया गया।
इस घटना ने व्यस्त सड़क और चौराहों पर वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था तथा यातायात नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, दुर्घटना के कारणों और इसमें शामिल प्रत्येक वाहन की भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगा।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा दुर्घटना का घटनाक्रम
हादसे से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। उपलब्ध फुटेज के अनुसार, रोडवेज बस सबसे पहले नीली कार से टकराती दिखाई देती है। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर बाइक की ओर बढ़ती है, जिससे बाइक सवार मां-बेटा सड़क पर गिर जाते हैं।
फुटेज में दुर्घटना के बाद बेटे को अपनी मां की मदद के लिए दौड़ते हुए भी देखा जा सकता है। वहीं, बस की टक्कर के बाद स्कूटी उसके अगले पहिए के नीचे फंसी नजर आती है।
सीसीटीवी फुटेज दुर्घटना के क्रम को समझने में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। पुलिस फुटेज और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है। हालांकि, वीडियो के आधार पर ही दुर्घटना का अंतिम कारण तय नहीं किया जा सकता।
बस चालक ने ब्रेक नहीं लगने की बात कही
मुरलीपुरा थाना प्रभारी वीरेंद्र कुरील के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में बस चालक राकेश कुमार ने बताया कि बस के ब्रेक नहीं लगने के कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। चालक ने ब्रेक के नीचे किसी वस्तु के आ जाने की संभावना भी जताई।
राकेश कुमार, जिसकी उम्र लगभग 30 वर्ष बताई गई है, श्रीमाधोपुर का निवासी है। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
फिलहाल ब्रेक में तकनीकी खराबी होने, किसी वस्तु के फंसने या दुर्घटना के पीछे किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में बस की तकनीकी स्थिति, चालक के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
दुर्घटनाग्रस्त बस पर 13 चालान लंबित
इस हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त बस के यातायात रिकॉर्ड का विवरण भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बस के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन के 13 चालान लंबित हैं। इन चालानों से संबंधित कुल जुर्माना 92,000 रुपये बताया गया है।
लंबित चालानों में सात मामले शाहजहांपुर टोल से बिना परमिट निकलने से संबंधित बताए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन चालानों को जनवरी में जारी किया गया था और प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
इसके अलावा, बस के खिलाफ ओवरस्पीडिंग के तीन चालान तथा प्रदूषण प्रमाणपत्र और नो-पार्किंग से संबंधित तीन अन्य चालान भी बताए गए हैं।
हालांकि, केवल लंबित चालानों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वे इस दुर्घटना का कारण थे। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बस की तकनीकी स्थिति, चालक की लापरवाही या कोई अन्य परिस्थिति हादसे के लिए जिम्मेदार थी या नहीं।
सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव पर फिर उठे सवाल
जयपुर की इस दुर्घटना ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों के नियमित रखरखाव, ब्रेक की जांच और यातायात नियमों के अनुपालन के महत्व को फिर सामने ला दिया है। सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले बसों और अन्य व्यावसायिक वाहनों की तकनीकी स्थिति यात्रियों के साथ-साथ दूसरे सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए वाहनों का नियमित निरीक्षण, समय पर मरम्मत, चालक प्रशिक्षण और यातायात नियमों का प्रभावी पालन जरूरी है। दुर्घटना के बाद तकनीकी जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वाहन में कोई खराबी थी या नहीं।
फिलहाल जयपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों और संभावित जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। इस हादसे में एक महिला की जान चली गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए। घटना सार्वजनिक परिवहन और सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों के प्रभावी पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।








