जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला, एसआईआर प्रक्रिया को बताया लोकतंत्र का आधार

जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला, एसआईआर प्रक्रिया को बताया लोकतंत्र का आधार

जेपी नड्डा ने संसद में कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए अहम है। नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह केवल घुसपैठियों के मुद्दे पर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

New Delhi: केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को संसद के उच्च सदन में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस पार्टी गलत धारणाएं फैला रही है और असली समस्या को नजरअंदाज कर रही है। नड्डा ने कहा कि विपक्ष केवल मतदाता सूचियों में घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर चर्चा कर रहा है, लेकिन विशेष गहन संशोधन यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहा है। 

एसआईआर प्रक्रिया पर स्पष्ट रुख

जेपी नड्डा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और यह प्रक्रिया पहले भी कांग्रेस सरकारों के दौरान होती रही है। उन्होंने सदन में बताया कि विपक्ष स्वयं एसआईआर के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनका असली सवाल यह है कि क्या घुसपैठियों को मतदाता सूची में रहने दिया जाना चाहिए। नड्डा ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूचियों की पूरी तरह और निष्पक्ष रूप से सफाई होना जरूरी है ताकि केवल वैध मतदाता ही सूची में रहें। 

लोकतांत्रिक विरासत का हवाला

नड्डा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव परिणामों से उन्हें असंतोष हुआ है और इसी कारण से पार्टी गलतफहमियां फैला रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए यह धारणा फैला रही है कि चुनाव आयोग गड़बड़ी कर रहा है। नड्डा ने स्पष्ट किया कि ऐसा करना न केवल गलत है बल्कि देश के हित के खिलाफ भी है। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि दशकों तक चुनाव आयोग की निगरानी और कामकाज की जिम्मेदारी एक ही पार्टी के पास रही और वह पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रही।

नड्डा ने उदाहरण देते हुए बताया कि 1952, 1957 और 1961 में जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे, 1965 में लाल बहादुर शास्त्री, 1983 में इंदिरा गांधी, 1987 और 1989 में राजीव गांधी तथा 1992 में पी.वी. नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे। इसके अलावा, 2004 में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने कहा कि उस समय किसी ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया। नड्डा ने यह भी कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है और 1952 से यह भारत के लोकतंत्र का हिस्सा रही है।

मतदाता सूची में घुसपैठियों का मुद्दा

नड्डा ने कहा कि विपक्ष का असली मुद्दा केवल यह है कि क्या घुसपैठियों को मतदाता सूची में रहने दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा और संशोधन करना लोकतंत्र का मूलभूत हिस्सा है। इससे केवल वैध मतदाता ही चुनाव में शामिल होंगे और चुनाव परिणाम निष्पक्ष रहेंगे। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस इस तथ्य को नजरअंदाज कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है और इस प्रक्रिया को राजनीति की आग में भूनने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नियमित गहन संशोधन होता है, जिससे घुसपैठियों और मृत व्यक्तियों को सूची से हटाया जा सके। नड्डा ने बताया कि इस प्रक्रिया से जनता को निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र की मजबूती मिलती है। उनका कहना था कि कांग्रेस का विरोध केवल राजनीतिक लाभ के लिए है और इसका देश और लोकतंत्र पर कोई लाभ नहीं है।

बिहार चुनावों का जिक्र

जेपी नड्डा ने बिहार चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जनता ने स्पष्ट रूप से एसआईआर प्रक्रिया के समर्थन में मतदान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार ने इस प्रक्रिया को स्वीकार कर लोकतंत्र की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया है। नड्डा ने चेतावनी दी कि विपक्ष को यह समझना होगा कि जनता ने लोकतांत्रिक सुधारों के पक्ष में निर्णय लिया है और गलतफहमियों का प्रचार करना उन्हें नुकसान पहुंचाएगा।

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