रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। लाठीचार्ज के विरोध में बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन हुए। AJSU प्रमुख सुदेश महतो छात्रों से मिले, जबकि ABVP के 50 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए।
रांची: JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ झारखंड में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। विधानसभा मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में बीजेपी के झारखंड बंद का कई जिलों में असर दिखा। रांची में AJSU प्रमुख सुदेश महतो ने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की, वहीं पुलिस ने ABVP के 50 से अधिक सदस्यों को हिरासत में लिया।
रांची में ABVP के 50 से अधिक सदस्य हिरासत में
झारखंड बंद के दौरान रांची में प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई हुई। खेलगांव क्षेत्र में ABVP के 50 से अधिक सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्हें खेलगांव के मुख्य स्टेडियम की डोरमेट्री में रखा गया।

बताया गया कि ये कार्यकर्ता करीब ढाई घंटे तक पुलिस की हिरासत में रहे। इससे पहले ABVP कार्यकर्ताओं ने पुरानी विधानसभा के आसपास प्रदर्शन किया और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध जताया।
पाकुड़, रामगढ़, गिरिडीह, चतरा और लातेहार समेत कई जिलों में भी बंद समर्थक सड़क पर उतरे। कुछ स्थानों पर सड़क जाम किया गया, जबकि रांची में कई जगह टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया। बंद के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।
सुदेश महतो ने आंदोलनकारी छात्रों से की मुलाकात
AJSU प्रमुख सुदेश महतो मंगलवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और वहां प्रदर्शन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुदेश महतो ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराई। उनके अनुसार, आंदोलन कर रहे छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
वहीं झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करती है।
भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की स्वास्थ्य जांच
छात्र आंदोलन का मंगलवार को 18वां दिन रहा। आंदोलन स्थल पर सदर अस्पताल की मेडिकल टीम पहुंची और अनशन पर बैठे 26 छात्रों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान एक अनशनकारी प्रेम नायक की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई।
इससे पहले छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और कुछ परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों का समाधान शामिल है।
कई जिलों में बंद का असर
बीजेपी के आह्वान पर रांची के अलावा गिरिडीह, रामगढ़, पाकुड़, चतरा और लातेहार में भी प्रदर्शन हुए। कई जगह कार्यकर्ताओं ने बाजार बंद कराने और सड़क जाम करने का प्रयास किया। रांची के रातू रोड, हरमू चौक और न्यूक्लियस मॉल के आसपास भी विरोध प्रदर्शन हुआ।
राजधानी के अधिकांश निजी स्कूलों ने बंद को देखते हुए मंगलवार को नियमित कक्षाएं नहीं चलाने का निर्णय लिया। हालांकि आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया।
विधानसभा का मानसून सत्र भी हंगामे की वजह से प्रभावित हुआ और पांच दिवसीय सत्र निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही समाप्त हो गया। सड़क से लेकर विधानसभा तक JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है।
प्रशासन ने आंदोलन में शामिल होकर रांची आए दूसरे जिलों के छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए हेल्पलाइन भी जारी की है। इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।










