झारखंड में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह थमी नहीं हैं। राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। आकाशीय बिजली को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह मौसमी सिस्टम का कमजोर होने के बावजूद बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नम हवाओं को माना जा रहा है। उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर हुआ है, लेकिन राज्य के ऊपर पर्याप्त नमी बनी हुई है। इसी कारण कई इलाकों में बादल छाने और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
शुक्रवार को राज्य के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। शनिवार को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने का अनुमान है। रविवार को पलामू, गढ़वा, चतरा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ तेज हवा चलने की वजह से लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। खासकर वज्रपात की स्थिति में घर के अंदर रहना सुरक्षित माना जाता है।
इस मानसून सीजन में पश्चिमी सिंहभूम में अब तक राज्य के जिलों में सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। 1 जून से 20 अगस्त तक यहां 1035.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 714.3 मिमी है। यानी जिले में सामान्य से करीब 45 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
इसके उलट पूरे झारखंड की स्थिति देखें तो 1 जून से 20 अगस्त तक राज्य में 636.6 मिमी बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 711.7 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम रही है।
जिलेवार बारिश में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। देवघर में सामान्य से 46 प्रतिशत कम और बोकारो में 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कोडरमा समेत कुछ अन्य जिलों में भी सामान्य की तुलना में बारिश कम रही है।
पिछले 24 घंटे में भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश रिकॉर्ड की गई। उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में हंटरगंज में सबसे अधिक 58.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश के कारण कई जिलों में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटे में बहरागोड़ा में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नामकुम में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवा और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
राजधानी रांची में भी बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्ची सड़कों और निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण नदी-नालों और जलस्रोतों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को नदी और तेज बहाव वाले नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए बारिश कई क्षेत्रों में फायदेमंद हो सकती है, लेकिन लगातार तेज बारिश होने पर खेतों में जलजमाव की समस्या भी पैदा हो सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। खुले स्थानों पर रहने से बचें और मौसम की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।
फिलहाल झारखंड में मानसून का असर बना हुआ है। सिस्टम कमजोर पड़ने के बावजूद बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आज 30-40 किमी/घंटे की तेज हवा, गरज-चमक और बारिश को लेकर सावधानी जरूरी है।












