झारखंड के कई जिलों में तेज हवा और बारिश से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने 13 मई को रांची समेत कई जिलों में आंधी, वज्रपात और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
रांची: पूर्वी भारत के कई हिस्सों की तरह झारखंड में भी मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में मंगलवार दोपहर बाद तेज हवा, गरज और बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
राजधानी रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और पाकुड़ सहित कई जिलों में मौसम अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य में अस्थिर मौसम बने रहने की संभावना जताई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, झारखंड में 17 मई तक आंधी, तेज बारिश और वज्रपात का असर बना रह सकता है। विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 13 मई के लिए रांची सहित 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज के साथ बारिश होने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, दोपहर और शाम के समय मौसम ज्यादा खराब हो सकता है। लोगों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना
14 और 15 मई को भी जारी रहेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, 14 और 15 मई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में दोपहर बाद मौसम खराब हो सकता है।
इस दौरान:
- तेज हवाएं चल सकती हैं
- मेघ गर्जन की संभावना रहेगी
- कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है
- कुछ स्थानों पर वज्रपात का खतरा रहेगा
- 15 मई के लिए पूरे राज्य में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
- 16 और 17 मई को उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी जिलों पर ज्यादा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि 16 और 17 मई को झारखंड के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मौसम का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है।

इन क्षेत्रों में तेज हवा, गरज और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना मौसम बदलाव की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान मौसम परिवर्तन के पीछे साइक्लोनिक सर्कुलेशन प्रमुख कारण है।
यह सिस्टम मध्य भारत और हिमालयी क्षेत्रों से होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर सक्रिय बना हुआ है। इसी कारण झारखंड सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में लगातार अस्थिर मौसम देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मौसम सिस्टम गर्मी के मौसम में अचानक तेज आंधी और बारिश का कारण बनते हैं।
बारिश से लोगों को मिली गर्मी से राहत
पिछले कुछ दिनों से झारखंड के कई हिस्सों में तापमान और उमस लगातार बढ़ रही थी। मंगलवार को हुई बारिश के बाद मौसम में ठंडक महसूस की गई।
रांची और आसपास के इलाकों में लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली। कई स्थानों पर तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।
- खूंटी में सबसे अधिक 2.5 मिमी बारिश दर्ज हुई
- डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा
- वहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया
- कांके में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री दर्ज हुआ
- रांची का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस रहा
विशेषज्ञों के अनुसार, 17 मई के बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
किसानों और ग्रामीण इलाकों के लिए बढ़ी चिंता
बारिश और तेज हवाओं ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है।
तेज हवा और वज्रपात से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं हर साल जान-माल का नुकसान करती हैं।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
वज्रपात के दौरान क्या सावधानियां बरतें?
मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
सुरक्षा के लिए जरूरी सुझाव:
- बारिश और बिजली के दौरान खुले मैदान में न रहें
- पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करें
- बिजली चमकने पर पानी से दूर रहें
- सुरक्षित इमारत या घर के अंदर शरण लें
- पशुओं को खुले स्थानों से सुरक्षित जगह पर ले जाएं
- शहरी इलाकों में ट्रैफिक और जलभराव की आशंका
तेज बारिश और हवा के कारण शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना भी बढ़ गई है।
रांची और अन्य शहरों में कई इलाकों में जलभराव और सड़क पर फिसलन जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं। प्रशासन ने स्थानीय एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि हाल के वर्षों में मौसम के पैटर्न में तेजी से बदलाव देखने को मिला है।
गर्मी के मौसम में अचानक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की चरम मौसमी घटनाएं और अधिक सामान्य हो सकती हैं।
अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत
झारखंड में अगले पांच दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और समय पर अलर्ट का पालन करने से वज्रपात और खराब मौसम से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।









