झुंझुनूं में ऊंटों की क्रूर तस्करी का भंडाफोड़: 6 पशु रेस्क्यू, 4 तस्कर गिरफ्तार

राजस्थान: झुंझुनूं के सुल्ताना थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऊंटों की तस्करी का खुलासा किया। 6 ऊंट मुक्त कराए गए और 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर कंटेनर जब्त किया गया।

झुंझुनूं के सुल्ताना थाना पुलिस ने कंटेनर में भरकर बूचड़खाने ले जाए जा रहे 6 ऊंटों को मुक्त कराया। पुलिस ने मौके से 4 तस्करों को गिरफ्तार किया और घायल ऊंटों को इलाज के लिए गौशाला भिजवाया। तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर भी जब्त किया गया।

झुंझनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पशु तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 ऊंटों को सुरक्षित बचा लिया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह घटना सुल्ताना थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने सूचना के आधार पर एक कंटेनर को रोका और उसमें हो रही अवैध पशु तस्करी का खुलासा किया। बताया जा रहा है कि इन ऊंटों को अवैध रूप से हरियाणा के नूंह (मेवात) क्षेत्र में स्थित बूचड़खाने ले जाया जा रहा था।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और देखा कि एक कंटेनर में कई ऊंटों को जबरन ठूंसा जा रहा था। पशुओं के मुंह बंधे हुए थे और उन्हें गंभीर क्रूरता के साथ ले जाया जा रहा था। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर पशु तस्करी और अवैध परिवहन के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ पूरा खुलासा

पुलिस को किठाना गांव के मेघवालों के मोहल्ले से सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक कंटेनर में ऊंटों को जबरन भर रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि पशुओं के साथ अत्यधिक क्रूरता की जा रही है और उन्हें बिना किसी सुरक्षा के वाहन में लादा जा रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए सुल्ताना थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और टीम को मौके पर भेजा गया।

मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि एक कंटेनर में मिट्टी का रैंप बनाकर ऊंटों को चढ़ाया जा रहा था। पशुओं के मुंह बंधे हुए थे और उन्हें जबरन वाहन में ठूंसा जा रहा था। इस दौरान कई ऊंट घायल अवस्था में पाए गए और उनके शरीर पर रगड़ व चोट के निशान मौजूद थे, जो स्पष्ट रूप से उनके साथ हुई क्रूरता को दर्शाते हैं।

बूचड़खाने ले जाने की थी योजना

पुलिस पूछताछ में कंटेनर चालक प्रवीण कुमार यादव ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर आसपास के गांवों से ऊंट और ऊंटनियों की खरीद-फरोख्त करता था। इसके बाद इन पशुओं को एकत्र कर हरियाणा के नूंह (मेवात) क्षेत्र में ले जाया जाता था, जहां उन्हें बूचड़खानों में बेचने की योजना थी।

यह भी सामने आया कि यह केवल एक घटना नहीं बल्कि एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई लोग शामिल हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह गतिविधि कितने समय से चल रही थी।

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