जनवरी में म्युचुअल फंड्स का PSU बैंक पर बढ़ा भरोसा, तीन साल में उच्चतम निवेश दर्ज

म्युचुअल फंड्स ने जनवरी 2026 में PSU बैंकों में निवेश बढ़ाकर 3.7% पर पहुंचाया, प्राइवेट बैंकों में भी हिस्सेदारी 18.2% तक, तीन साल के उच्चतम स्तर पर।

जनवरी 2026 में म्युचुअल फंड्स ने PSU बैंकों में निवेश बढ़ाकर तीन साल के उच्चतम स्तर 3.7% पर पहुंचाया। प्राइवेट बैंकों में भी निवेश 18.2% तक बढ़ा। SBI, एक्सिस और ICICI बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई।

Mutual Funds: जनवरी 2026 में म्युचुअल फंड्स ने सरकारी बैंकों (PSU Banks) में निवेश बढ़ाकर तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, PSU बैंकों में म्युचुअल फंड्स का आवंटन 3.7 प्रतिशत हो गया, जो अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक 3.4 प्रतिशत पर स्थिर था। मासिक आधार पर इसमें 30 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

सालाना आधार पर देखा जाए तो जनवरी 2025 में यह निवेश 2.8 प्रतिशत था, यानी पिछले साल की तुलना में 90 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा यह स्पष्ट करता है कि म्युचुअल फंड्स का भरोसा PSU बैंकों में मजबूत हुआ है और निवेशक इस सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

PSU बैंकों में निवेश का ट्रेंड

जनवरी 2024 में म्युचुअल फंड्स का PSU बैंकों में निवेश करीब 3.2 प्रतिशत था। फरवरी 2024 में यह बढ़कर 3.5 प्रतिशत हो गया, जो उस समय का सबसे ऊंचा स्तर था। इसके बाद निवेश में गिरावट आई और सितंबर 2024 में यह घटकर लगभग 2.6 प्रतिशत रह गया।

जुलाई 2024 से जून 2025 के बीच निवेश ज्यादातर 2.8 प्रतिशत से 2.9 प्रतिशत के बीच स्थिर रहा। सितंबर 2025 से फिर से बढ़त शुरू हुई। सितंबर 2025 में यह 3.3 प्रतिशत तक पहुंच गया। नवंबर और दिसंबर 2025 में निवेश और बढ़ा। जनवरी 2026 में PSU बैंकों में म्युचुअल फंड्स का निवेश 3.7 प्रतिशत हो गया, जो तीन साल के उच्चतम स्तर को दर्शाता है।

प्राइवेट बैंकों में भी निवेश बढ़ा

जनवरी 2026 में प्राइवेट बैंकों में म्युचुअल फंड्स निवेश की हिस्सेदारी बढ़कर 18.2 प्रतिशत हो गई, जो आठ महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। इसमें मासिक आधार पर 60 बेसिस प्वाइंट और सालाना आधार पर 110 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जनवरी में म्युचुअल फंड्स ने प्राइवेट और PSU बैंकों के अलावा यूटिलिटीज, टेक्नोलॉजी, कैपिटल गुड्स, मेटल्स और सीमेंट सेक्टर में निवेश बढ़ाया। वहीं कंज्यूमर, ऑयल एंड गैस, ऑटो, हेल्थकेयर, एनबीएफसी, टेलीकॉम, रिटेल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में उनकी हिस्सेदारी में मासिक आधार पर कमी देखी गई।

SBI स्टॉक को मिला सबसे ज्यादा फायदा

मासिक आधार पर सबसे ज्यादा खरीदारी SBI के शेयरों में हुई। जनवरी 2026 में करीब सात म्युचुअल फंड्स ने SBI के शेयर खरीदे, जबकि 13 फंड्स ने अपने पोर्टफोलियो से इसे बेचा। SBI के अलावा एक्सिस बैंक, ICICI बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, NTPC, कोल इंडिया, बायोकॉन, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और बीएसई के शेयरों में भी निवेश बढ़ा।

इसके उलट जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, ITC, HDFC बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सिप्ला और एशियन पेंट्स शामिल थे।

म्युचुअल फंड्स का नजरिया 

म्युचुअल फंड्स का PSU और प्राइवेट बैंकों में बढ़ता निवेश यह संकेत देता है कि निवेशकों ने इस सेक्टर में दीर्घकालिक अवसर देखा है। सरकारी बैंकों में लगातार मजबूत प्रदर्शन और नीतिगत स्थिरता निवेशकों के भरोसे को बढ़ा रही है। वहीं प्राइवेट बैंक और अन्य मजबूत सेक्टरों में निवेश विविधता और पोर्टफोलियो स्थिरता के लिए किया जा रहा है।

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