Jodhpur-जैसलमेर बायपास पर यू-टर्न लेते ट्रक में तेज रफ्तार डंपर घुस गया। हादसे में डंपर चालक की मौत हो गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने क्रेन की मदद से चालक को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी जान चली गई।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर-जैसलमेर बायपास पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में डंपर चालक की मौत हो गई। हादसा जोधपुर रिंग रोड के चौखा-केरू क्षेत्र में स्थित एक खतरनाक यू-टर्न पॉइंट पर हुआ, जिसे स्थानीय लोग लंबे समय से “ब्लैक स्पॉट” बता रहे हैं। दुर्घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार डंपर एक ट्रक के पीछे जा घुसता दिखाई दे रहा है।
यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय हुआ जब पत्थरों से भरा ट्रक धीमी गति से यू-टर्न ले रहा था और पीछे से आ रहा खाली डंपर उससे टकरा गया।
टक्कर इतनी तेज कि डंपर का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त
पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब ट्रक चालक रॉयल्टी नाके की ओर जाने के लिए कट से यू-टर्न ले रहा था। उसी दौरान पीछे से तेज गति में आ रहा डंपर सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। हादसे के दौरान विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।

पिंटू कुमार ने बताया कि भारी पत्थरों से लदा ट्रक अनियंत्रित होने के बावजूद पलटने से बच गया, जबकि डंपर का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
केबिन में फंसे चालक को निकालने में लगी क्रेन
दुर्घटना के बाद डंपर चालक मांगीलाल (61) केबिन में बुरी तरह फंस गया। स्थानीय लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन केबिन पूरी तरह दब जाने के कारण सफलता नहीं मिली।
बाद में पुलिस और राहत टीम ने क्रेन की मदद से चालक को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मृतक के बेटे श्रवण की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज में दिखा हादसे का पूरा दृश्य
घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि हादसा हाईवे पर बने एक घुमावदार कट पर हुआ। फुटेज में ट्रक धीरे-धीरे यू-टर्न लेता दिखाई दे रहा है, जबकि डंपर तेज गति से पीछे से आता है और सीधे ट्रक में टकरा जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कट भारी वाहनों के लिए बेहद खतरनाक है, क्योंकि यहां हाईवे पर वाहन तेज गति से चलते हैं और अचानक यू-टर्न लेने वाले ट्रकों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
“ब्लैक स्पॉट” पर पहले भी हो चुकी हैं कई मौतें
चौखा-केरू क्षेत्र का यह यू-टर्न पॉइंट और इसके पास स्थित धर्मकांटा पहले भी कई सड़क हादसों का कारण बन चुका है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जुलाई 2023 में इसी क्षेत्र में दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई थी।
इसके बावजूद न तो कट को सुरक्षित बनाने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए और न ही रॉयल्टी नाके की स्थिति बदली गई। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां फ्लाईओवर, सिग्नल या वैकल्पिक मार्ग की मांग कर रहे हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट भी ले चुका है संज्ञान
लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट पहले भी इस ब्लैक स्पॉट का स्वतः संज्ञान ले चुका है। अदालत ने संबंधित विभागों और सड़क प्राधिकरणों को सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए थे।
ताजा हादसे के बाद पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थिति का निरीक्षण करवाया। अधिकारियों को बताया गया कि यह कट भारी वाहनों और स्थानीय यातायात दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह दुर्घटना भारत में सड़क सुरक्षा और हाईवे डिजाइन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार हाईवे पर असुरक्षित यू-टर्न और अव्यवस्थित कट सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहे हैं।
राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में ब्लैक स्पॉट की पहचान के बावजूद सुधार कार्यों में देरी होने से हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।











