जोधपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक में पीछे से घुसी स्कूटी, 12वीं के छात्र की मौत के बाद सड़क जाम

राजस्थान : जोधपुर में RTO चेकिंग के दौरान ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से स्कूटी पीछे से टकरा गई। हादसे में 12वीं के छात्र की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम कर दी।

Jodhpur में ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से स्कूटी पीछे से टकरा गई, जिसमें 12वीं के छात्र की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12वीं कक्षा के छात्र दिव्यांशु प्रजापत की मौत हो गई। हादसा झालामंड इलाके में मोती मार्केट के पास रिंग रोड पर हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कूटी एक ट्रक के पीछे जा घुसी। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जिम से लौटते समय हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक दिव्यांशु प्रजापत गुरुवार रात करीब 9 बजे जिम से स्कूटी पर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रिंग रोड पर चल रहे एक ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे से आ रही स्कूटी को संभालने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पीछे टकरा गई। हादसे में दिव्यांशु के सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

आरटीओ चेकिंग को बताया गया वजह

मृतक के परिजनों ने हादसे के लिए आरटीओ उड़नदस्ता टीम को जिम्मेदार ठहराया है। परिवार का आरोप है कि घटनास्थल पर भारी वाहनों की चेकिंग चल रही थी। उसी दौरान एक ओवरलोड ट्रक वहां से गुजर रहा था। आरटीओ टीम को देखकर ट्रक चालक घबरा गया और उसने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

हादसे के बाद भड़का लोगों का गुस्सा

दिव्यांशु की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समाज के सदस्य मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने रिंग रोड और सर्विस लेन को जाम कर दिया। सड़क पर पत्थर और बड़े केबल रोल डालकर रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक लोग नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने सड़क खाली कराने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। देर रात तक पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और हालात को नियंत्रित किया गया।

परिवार ने रखीं तीन बड़ी मांगें

मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपए का मुआवजा और हादसे के लिए जिम्मेदार आरटीओ कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की। साथ ही उस इलाके में भविष्य में आरटीओ चेकिंग बंद करने की भी मांग उठाई गई।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और ट्रक चालक से पूछताछ के आधार पर हादसे की पूरी वजह पता लगाने में जुटी है।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिंग रोड पर भारी वाहनों की तेज आवाजाही और अव्यवस्थित चेकिंग पहले भी कई हादसों की वजह बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे और रिंग रोड पर वाहनों की जांच के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

इलाके में शोक का माहौल

दिव्यांशु प्रजापत की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। परिवार और स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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