JPSC Protest: 'गर्लफ्रेंड ने आंदोलन में भेजा', छात्र प्रदर्शन में युवक का बयान हुआ वायरल

JSSC भर्ती विवाद के बीच रांची आंदोलन में युवक का बयान वायरल हुआ। उसने कहा, प्रेमिका के कहने पर प्रदर्शन में शामिल हुआ।

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान एक युवक का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। युवक ने कहा कि वह अपनी प्रेमिका के कहने पर आंदोलन में शामिल होने आया है, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में देरी से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच प्रदर्शन में शामिल एक युवक का बयान चर्चा में आ गया। युवक ने दावा किया कि वह अपनी प्रेमिका के आग्रह पर आंदोलन में शामिल होने पहुंचा है, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी के कारण उसके भविष्य के साथ-साथ दोनों के निजी जीवन पर भी असर पड़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान युवक ने सुनाई अपनी कहानी

रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान शशिकांत वर्मा नाम के युवक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उसकी प्रेमिका लंबे समय से JPSC परीक्षा की तैयारी कर रही है। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी और कथित अनियमितताओं के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

युवक ने बताया कि उसकी प्रेमिका ने ही उसे रांची जाकर आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा, ताकि भर्ती प्रक्रिया को जल्द और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने की मांग मजबूत हो सके।

'नौकरी में देरी से शादी का दबाव बढ़ गया'

शशिकांत के मुताबिक, उनकी प्रेमिका के परिवार वाले अब उसकी शादी करवाना चाहते हैं और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का अधिक इंतजार नहीं कर सकते। उनका कहना था कि नौकरी में लगातार हो रही देरी का असर केवल करियर पर ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के निजी जीवन पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में हजारों युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

व्यवस्था पर उठाए सवाल

युवक ने मीडिया से बातचीत के दौरान भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परीक्षाओं और नियुक्तियों में देरी से युवाओं का भरोसा कमजोर होता है। उनका मानना है कि यदि समय पर और पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी हो, तो अभ्यर्थियों को वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि आंदोलन में मौजूद अधिकांश छात्रों की यही चिंता है कि मेहनत के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो रही।

पूर्व राजनीतिक पद छोड़ने का भी किया दावा

शशिकांत वर्मा ने बातचीत के दौरान यह भी दावा किया कि वह पहले एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल में राज्य प्रवक्ता के पद पर कार्य कर चुके हैं और हाल ही में उन्होंने उस पद से इस्तीफा दिया है। हालांकि उन्होंने संबंधित पार्टी का नाम सार्वजनिक नहीं किया।

उनका कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों के समर्थन में आवाज उठाना अधिक जरूरी है। इसलिए उन्होंने राजनीतिक पद छोड़कर आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी है विरोध

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठन और अभ्यर्थी लगातार पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और योग्य अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति मिले।

वहीं, आंदोलन के दौरान सामने आए युवक के बयान ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि, उसके व्यक्तिगत दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भर्ती प्रक्रिया और प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर संबंधित प्राधिकरणों की ओर से आगे की कार्रवाई और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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