जयपुर में दर्दनाक हादसा: महिला लेक्चरर की कार की चपेट में आने से 15 महीने की मासूम की मौत, इलाके में तनाव

राजस्थान: जयपुर के सिद्धार्थ नगर में महिला लेक्चरर की कार से 15 महीने की बच्ची कुचल गई। हादसे में मासूम की मौत हो गई, परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।

Jaipur के सिद्धार्थ नगर में एक महिला लेक्चरर की कार से 15 महीने की बच्ची कुचल गई, जिससे उसकी मौत हो गई। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी और कार बैक करते समय यह हादसा हुआ।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सिद्धार्थ नगर इलाके में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 15 महीने की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी और एक पड़ोसी महिला की कार की चपेट में आ गई।

मृतक बच्ची की पहचान किट्टू के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

कार बैक करते समय हुई दुर्घटना

पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, पड़ोस में रहने वाली एक महिला, जो एक निजी विश्वविद्यालय में लेक्चरर बताई जा रही है, अपनी कार को रिवर्स (बैक) कर रही थी। इसी दौरान घर के बाहर खेल रही मासूम बच्ची कार के पिछले टायर के नीचे आ गई।

हादसा करीब शाम 5 बजे हुआ, जब इलाके में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं और बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे।

गंभीर रूप से घायल बच्ची की अस्पताल में मौत

हादसे के तुरंत बाद परिजनों ने बच्ची को ईएचसीसी हॉस्पिटल, जवाहर सर्किल पहुंचाया। डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन करीब दो घंटे की कोशिशों के बावजूद मासूम ने दम तोड़ दिया।

बच्ची की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर और परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों का आरोप: सामने से भी टक्कर लगी

मृतक बच्ची के चाचा विक्रम सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया है कि यह केवल बैक करने की घटना नहीं थी, बल्कि कार ने पहले सामने से भी टक्कर मारी और उसके बाद वाहन को पीछे लिया गया।

परिवार का कहना है कि गली में कुछ बच्चे खेल रहे थे, लेकिन गली ब्लॉक होने के कारण बड़े लोग बाहर नहीं आ सके, जिससे हादसा रोकना संभव नहीं हो पाया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच

मालवीय नगर के एसीपी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि यह मामला सड़क दुर्घटना का है, जिसमें एक महिला द्वारा वाहन बैक करते समय बच्ची उसकी चपेट में आ गई।

पुलिस ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वाहन की स्थिति शामिल है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल के बाहर हंगामा, परिजनों का आक्रोश

बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने भी घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि रिहायशी इलाकों में वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर सख्त नियम लागू होने चाहिए।

आरोपी महिला के बारे में जानकारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला एक निजी विश्वविद्यालय में लेक्चरर के पद पर कार्यरत है और पास ही की कॉलोनी में रहती है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और वाहन को जब्त कर लिया गया है।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

रिहायशी इलाकों में सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी कॉलोनियों में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि संकरी गलियों और बच्चों के खेलने के स्थानों के बीच वाहन चलाना अक्सर जोखिम पैदा करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में स्पीड लिमिट, पार्किंग नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

प्रशासन से सख्त कदमों की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र विकसित किए जाएं।

इसके अलावा लोगों ने मांग की है कि वाहन चालकों के लिए रिवर्सिंग अलर्ट सिस्टम और अतिरिक्त सावधानी के नियम अनिवार्य किए जाएं।

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