जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, यूपी से लाई गई 2.90 लाख की नकली करेंसी पकड़ी

जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, यूपी से लाई गई 2.90 लाख की नकली करेंसी पकड़ी

जयपुर पुलिस ने 2.90 लाख के नकली नोट जब्त कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से गिरोह को बड़ा झटका लगा है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और आगे खुलासों की संभावना है।

jaipur: जयपुर पुलिस को रविवार रात एक अहम सूचना मिली थी। सीएसटी टीम को बताया गया कि चित्रकूट इलाके में एक युवक कार में घूम रहा है और उसके पास नकली नोट मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सीएसटी के इंस्पेक्टर रतन सिंह के नेतृत्व में टीम ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई।

पुलिस टीम ने चित्रकूट इलाके में संदिग्ध कार को रोका और उसकी तलाशी ली। कार सवार युवक की पहचान गोविंद चौधरी के रूप में हुई, जो झालावाड़ का रहने वाला है। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से 1.90 लाख रुपये के नकली नोट मिले। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया।

साथी के फ्लैट से भी मिले नकली नोट

पुलिस पूछताछ में गोविंद ने बताया कि उसका एक साथी भी इस नकली नोटों की तस्करी में शामिल है। उसने अपने साथी का नाम देवांश फांडा बताया, जो वैशाली नगर के चित्रकूट इलाके में रहता है। गोविंद की जानकारी के आधार पर सीएसटी टीम ने देवांश के फ्लैट पर दबिश दी।

पुलिस ने देवांश को उसके फ्लैट से गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 1 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इस तरह पुलिस ने दोनों आरोपियों से कुल 2.90 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए।

उत्तर प्रदेश से आई नकली करेंसी

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे नकली नोटों की यह खेप उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लेकर आए थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये नोट बाजार में खपाने के लिए जयपुर लाए गए थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।

जयपुर कमिश्नरेट के स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह का मामला हो सकता है। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोट कहां छापे जा रहे थे और इन्हें किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस को आशंका है कि इस तस्करी में सिर्फ दो लोग ही शामिल नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। सीएसटी टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नकली नोटों को किसने तैयार किया और किन-किन लोगों को इन्हें सप्लाई किया जाना था।

पुलिस अन्य संभावित ठिकानों पर भी दबिश देने की तैयारी कर रही है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।

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