कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञों ने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर हेल्थ चेकअप से इस गंभीर बीमारी का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। धूम्रपान और तंबाकू से बचना, वैक्सीनेशन कराना और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बचाव में अहम भूमिका निभाता है।
Cancer Prevention: विशेषज्ञों ने चेताया है कि जीवनशैली और खानपान सीधे इस बीमारी से जुड़ी हैं। भारत और दुनिया भर में कैंसर के मामलों में वृद्धि हो रही है, जिससे हर साल लाखों लोगों की जान जोखिम में है। मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. रोहित कपूर के मुताबिक, धूम्रपान छोड़ना, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, हेल्थ स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन अपनाना कैंसर के खतरे को कम करने में बेहद प्रभावी हैं। सही कदम और समय पर जांच से जीवन को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
कैंसर के बढ़ते मामलों से बढ़ी चिंता
दुनियाभर में कैंसर तेजी से फैल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल करीब 1 करोड़ लोगों की मौत कैंसर से होती है, जबकि भारत में हर साल 14 लाख से ज्यादा नए केस सामने आते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि खराब लाइफस्टाइल, असंतुलित खानपान और तनाव जैसी वजहें इस बीमारी के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ जरूरी कदम अपनाकर इस घातक बीमारी से बचाव किया जा सकता है।
लाइफस्टाइल सुधारना है पहला कदम
मैक्स हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. रोहित कपूर के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए सबसे अहम है—स्वस्थ जीवनशैली। वे कहते हैं कि धूम्रपान और तंबाकू का सेवन पूरी तरह छोड़ दें, क्योंकि ये फेफड़ों, गले और मुंह के कैंसर के प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को अपनाना जरूरी है।
डॉ. कपूर सलाह देते हैं कि भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें। प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और रेड मीट का सेवन सीमित करें। वजन को नियंत्रण में रखना ब्रेस्ट, कोलन और लिवर कैंसर के खतरे को घटा सकता है।

वैक्सीनेशन और नियमित जांच है जरूरी
डॉ. कपूर बताते हैं कि कैंसर से बचाव केवल खानपान से नहीं, बल्कि वैक्सीनेशन और हेल्थ स्क्रीनिंग से भी संभव है। एचपीवी (HPV) और हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन कुछ विशेष प्रकार के कैंसर से सुरक्षा देते हैं। इसके अलावा, नियमित मेडिकल चेकअप से बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में की जा सकती है, जिससे इलाज सरल और प्रभावी बनता है।
वे कहते हैं कि 30 वर्ष से ऊपर के लोगों को साल में एक बार संपूर्ण बॉडी चेकअप जरूर कराना चाहिए। इससे कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों के संकेत समय रहते मिल सकते हैं।
तनाव और नींद पर भी दें ध्यान
तनाव, नींद की कमी और असंतुलित दिनचर्या शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करती है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना और मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा प्रदूषण और केमिकल्स के अधिक संपर्क से भी बचना चाहिए। खासतौर पर जिन लोगों का काम धूल, धुएं या रासायनिक पदार्थों के बीच होता है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।
छोटे बदलाव से बड़ा असर
कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें। जैसे- लगातार खांसी, अचानक वजन घटना, घाव का न भरना या किसी हिस्से में गांठ का महसूस होना ये सभी लक्षण डॉक्टर को दिखाने का संकेत हैं।
डॉ. कपूर कहते हैं कि कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगना जीवन बचा सकता है। इसलिए डरने के बजाय नियमित जांच और स्वस्थ आदतें अपनाएं।













