‘आप मेरी नाभि पर फल नहीं फेंक सकते’, काजल अग्रवाल ने फिल्मों में महिलाओं के चित्रण पर कही दो टूक बात

Kajal Aggarwal on Women Portrayal: काजल अग्रवाल ने फिल्मों में महिलाओं के चित्रण और उनके शरीर के अनावश्यक प्रदर्शन पर खुलकर बात की। अभिनेत्री ने कहा, 'आप मेरी

काजल अग्रवाल उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिनका जन्म उत्तर भारत में हुआ, लेकिन उन्होंने साउथ सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। मुंबई में जन्मी काजल ने हिंदी फिल्मों से अभिनय की शुरुआत की थी, लेकिन तेलुगू और तमिल सिनेमा ने उन्हें बड़ा स्टारडम दिलाया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: अभिनेत्री काजल अग्रवाल इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं। एक तरफ वह हिंदी फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ में नजर आने वाली हैं, वहीं नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायणम्’ में मंदोदरी का किरदार निभाने को लेकर भी सुर्खियों में हैं। इसी बीच एक पॉडकास्ट बातचीत में अभिनेत्री ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में महिला किरदारों के चित्रण, फिल्मों में महिलाओं के शरीर को दिखाने की प्रवृत्ति और बॉलीवुड के काम करने के तौर-तरीकों पर खुलकर अपनी राय रखी है।

दक्षिण सिनेमा में महिलाओं की छवि पर काजल ने क्या कहा?

काजल अग्रवाल ने बातचीत के दौरान कहा कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में समय के साथ काफी बदलाव आया है। उनके मुताबिक, पहले फिल्मों में महिला किरदारों को जिस तरह से प्रस्तुत किया जाता था, उसमें अब धीरे-धीरे परिवर्तन देखने को मिल रहा है। अभिनेत्री का मानना है कि अब महिला पात्रों के लिए अधिक स्वतंत्र सोच और परिपक्वता वाले किरदार लिखे जा रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से फिल्मों में महिला कलाकारों के शरीर के खास हिस्सों को अनावश्यक रूप से दिखाने की प्रवृत्ति पर टिप्पणी की। काजल ने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्मों में अब अभिनेत्रियों की नाभि को लेकर पहले जैसा जुनून नहीं रहा। इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी सीमाओं का जिक्र करते हुए बेहद बेबाक अंदाज में कहा, “मैंने हमेशा एक लक्ष्मण रेखा खींची और ऐसे रोल कभी नहीं किए। बॉस, आप मेरी नाभि पर फल नहीं फेंक सकते!”

उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन गई है। अभिनेत्री के बयान को फिल्मों में महिलाओं के वस्तुकरण और महिला कलाकारों को पर्दे पर पेश करने के पुराने तरीकों पर उनकी स्पष्ट राय के तौर पर देखा जा रहा है।

‘औसत रोल के लिए बॉलीवुड क्यों आती?’

काजल अग्रवाल ने बातचीत में यह भी बताया कि उन्होंने हिंदी फिल्मों में ज्यादा काम करने के बजाय दक्षिण भारतीय सिनेमा को प्राथमिकता क्यों दी। अभिनेत्री के अनुसार, उनके लिए फिल्मों की संख्या से अधिक भूमिका की गुणवत्ता महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा में बेहतर और अपनी पसंद के किरदार मिल रहे थे, तो केवल ज्यादा फिल्में करने के लिए बॉलीवुड में औसत भूमिकाएं स्वीकार करने का कोई कारण नहीं था। काजल ने यह भी स्पष्ट किया कि भाषा उनके लिए कभी बाधा नहीं रही। उन्हें फिल्म निर्माण की प्रक्रिया और अभिनय की दुनिया से लगाव है।

अभिनेत्री ने अपने करियर का जिक्र करते हुए बताया कि शुरुआत में उन्हें इस पेशे को पूरी तरह समझने में समय लगा, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें सिनेमा से गहरा लगाव हो गया और इसके बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह अभिनय के लिए समर्पित कर दिया।

‘आप मेरी नाभि पर फल नहीं फेंक सकते’, काजल अग्रवाल ने फिल्मों में महिलाओं के चित्रण पर कही दो टूक बात

हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में क्या अंतर बताती हैं?

काजल अग्रवाल ने दोनों फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीकों की तुलना भी की। उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की समय की पाबंदी की तारीफ की और कहा कि बॉलीवुड को इस मामले में दक्षिण सिनेमा से सीख लेनी चाहिए। अभिनेत्री के मुताबिक, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शूटिंग और कलाकारों के सेट पर पहुंचने के समय को लेकर अक्सर देरी देखने को मिलती है। 

इसके विपरीत, दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम अधिक व्यवस्थित तरीके से और तय समय के अनुसार किया जाता है। काजल ने कहा कि उन्हें खुद समय पर पहुंचने और काम करने की आदत पसंद है, इसलिए दक्षिण भारतीय फिल्मों का कार्यसंस्कृति उन्हें अधिक सुविधाजनक लगती है।

काजल अग्रवाल का फिल्मी सफर

काजल अग्रवाल ने वर्ष 2004 में हिंदी फिल्म ‘क्यों! हो गया ना...’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा का रुख किया और तेलुगु तथा तमिल फिल्मों में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2007 में ‘लक्ष्मी कल्याणम’ के जरिए उन्होंने तेलुगु सिनेमा में कदम रखा। दक्षिण भारतीय फिल्मों में लगातार सफल प्रदर्शन के बाद काजल अग्रवाल ने खुद को एक प्रमुख अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी कई फिल्मों में काम किया है। रणदीप हुड्डा के साथ उनकी फिल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ भी दर्शकों के बीच चर्चा में रही थी।

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