Karnataka DGP रामचंद्र राव का अश्लील वीडियो वायरल, राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया निलंबित

कर्नाटक के DGP रामचंद्र राव का कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा एक्शन लिया गया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

कर्नाटक पुलिस के शीर्ष अधिकारी रामचंद्र राव पर कार्रवाई की गई है। अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

बेंगलुरु: कर्नाटक में एक हाई-प्रोफाइल विवाद ने राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों में हलचल मचा दी है। कर्नाटक पुलिस के महानिदेशक (DGP) रामचंद्र राव पर कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश पर उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है। 1993 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी राव इस समय कर्नाटक पुलिस की नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा (CHRI) के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

डीजीपी रामचंद्र राव का निलंबन

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, वीडियो विवाद के फैलने के बाद रामचंद्र राव को तुरंत निलंबित कर दिया गया। इस फैसले का उद्देश्य पुलिस महकमे की गरिमा बनाए रखना और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले पर मीडिया से कहा कि वायरल वीडियो में तीन अलग-अलग क्लिप को जोड़ा गया है और किसी भी पुलिस अधिकारी को दुर्व्यवहार के दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद के फैलने के बाद रामचंद्र राव ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री जी परमेश्वर से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन दोनों नेताओं से मुलाकात नहीं हो सकी। निलंबित डीजीपी राव, जो अभिनेत्री रान्या राव के पिता भी हैं, ने सोशल मीडिया और मीडिया के सामने कहा कि वायरल वीडियो फर्जी है और AI तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया है। उन्होंने इसे अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल करने और पेशेवर नुकसान पहुंचाने की साजिश करार दिया।

Karnataka DGP रामचंद्र राव का अश्लील वीडियो वायरल, राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया निलंबित

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

वायरल वीडियो विवाद के बाद विपक्षी दल भाजपा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार ऐसे प्रभावशाली अधिकारियों का संरक्षण कर रही है और राव के कथित आचरण से पूरा पुलिस महकमा कलंकित हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

इसी तरह, विधानसभा में जनता दल सेक्युलर (JDS) ने भी अपनी नाराजगी जताई और कहा कि खाकी वर्दी पहने अफसर का महिलाओं के साथ ऐसा बर्ताव अक्षम्य है। पार्टी ने इसे पुलिस विभाग की गरिमा पर संपूर्ण कलंक बताया।

वायरल वीडियो 

राव के कथित वीडियो में उन्हें महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है। वायरल क्लिप ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी और आम जनता के बीच प्रशासनिक विश्वास पर सवाल खड़े कर दिए। राव ने अपने बयान में साफ किया कि यह वीडियो AI तकनीक से जाली है और इसे फैलाई जा रही क्लिप के स्रोत के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

राज्य में इस विवाद के बाद पुलिस विभाग में सतर्कता और तनाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय ने सभी पुलिस अधिकारियों से यह अपेक्षा जताई है कि किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्टिंग और जांच सुनिश्चित की जाए। इस बीच, वीडियो विवाद ने राजनीतिक तूफान और मीडिया कवरेज को भी जन्म दिया है।

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