काशी में संत गणीनाथ जयंती पर भव्य कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

वाराणसी में संत गणीनाथ जयंती पर मद्धेशीया समाज ने 251 कलशों की शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 27वां जलाभिषेक किया।

वाराणसी में संत गणीनाथ जयंती पर मद्धेशीया समाज ने भव्य आयोजन किया। हजारों श्रद्धालुओं ने 251 कलशों का पूजन किया और कलश यात्रा निकाली। यात्रा बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंची, जहां 27वां जलाभिषेक किया गया।

वाराणसी: संत गणीनाथ जयंती के अवसर पर काशी में मद्धेशीया समाज की ओर से शुक्रवार को भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। दशाश्वमेध स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट पर हजारों पुरुषों और महिलाओं ने 251 कलशों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया। इसके बाद निकली कलश शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची, जहां बाबा विश्वनाथ का 27वां जलाभिषेक किया गया।

251 कलशों का पूजन कर शुरू हुआ आयोजन

संत गणीनाथ जयंती के अवसर पर श्रावण माह के शुक्रवार को काशी में मद्धेशीया समाज के लोगों ने धार्मिक उत्साह के साथ आयोजन किया। सुबह से ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट, दशाश्वमेध पर बड़ी संख्या में समाज के पुरुष और महिलाएं केसरिया वस्त्रों में एकत्रित हुए।

इस दौरान 251 कलशों का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने अपने कुलदेवता संत गणीनाथ जी महाराज और पल्टू दास जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

गाजे-बाजे के साथ निकली कलश शोभायात्रा

पूजन के बाद भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में संत गणीनाथ जी महाराज का रथ आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा घोड़े पर शंकर और पार्वती जी की झांकी भी शामिल रही।

बैंड-बाजा और शहनाई की धुन के बीच श्रद्धालु हाथों में केसरिया झंडे लेकर चल रहे थे। कई लोगों के हाथों में गंगाजल और दूध से भरे कलश भी थे। यात्रा के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कलश यात्रा का नेतृत्व संस्था के अध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने किया। आयोजन में संस्था से जुड़े पदाधिकारियों और समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

काशी विश्वनाथ मंदिर में हुआ 27वां जलाभिषेक

कलश शोभायात्रा गोदौलिया चौराहा, गिरजाघर चौराहा और पीडीआर मॉल होते हुए वापस गोदौलिया पहुंची। इसके बाद यात्रा बांसफाटक, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर और शनि देवता मंदिर से होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची।

यहां श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का 27वां जलाभिषेक किया। गंगाजल और दूध से किए गए जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन किया और परिवार तथा समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश

आयोजन में समाज के संरक्षक गोपाल जी, राजीव गुप्ता एजीआर, केपी गुप्त समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। संस्था के अध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में डॉ. सरिता गुप्ता, डॉ. सुरभि गुप्ता, शीला कान्दू, शांति गुप्ता, ज्योत्सना सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, संत गणीनाथ जयंती का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ समाज की सांस्कृतिक परंपरा और आपसी एकता को मजबूत करने का माध्यम भी बना।

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