भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को पूरे दिन उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा। कारोबार के दौरान कभी सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में पहुंचे तो कभी बिकवाली के दबाव में नीचे फिसल गए।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में खरीदारी और बिकवाली के बीच बाजार लगातार दिशा बदलता रहा। हालांकि, कारोबारी सत्र के अंत तक प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। IT और ऑटो सेक्टर के शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया, जबकि मेटल, रियल्टी और कुछ चुनिंदा फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को सीमित रखा।
Sensex-Nifty मामूली बढ़त के साथ बंद
दिनभर सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद BSE Sensex 3.11 अंक यानी लगभग 0.00 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 अंक पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 20.15 अंक यानी 0.08 फीसदी चढ़कर 24,252.00 अंक पर पहुंच गया। बाजार की इस चाल से साफ है कि निवेशकों ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर पोजिशन लेने से परहेज किया। वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर अलग-अलग सेक्टरों में जारी खरीदारी-बिकवाली के कारण बाजार को स्पष्ट दिशा नहीं मिल सकी।
Metal और Realty Stocks ने दिया बाजार को सहारा
शुक्रवार के कारोबार में मेटल और रियल्टी शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। इन सेक्टरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। इसके अलावा चुनिंदा फाइनेंशियल और स्मॉल-कैप शेयरों में भी मजबूती रही। निफ्टी के प्रमुख तेजी वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, HDFC Life, Nestle, Kotak Mahindra Bank और Bharat Electronics शामिल रहे। इन शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को निचले स्तरों से संभालने में मदद की।
दूसरी ओर, IT सेक्टर के कई बड़े शेयर दबाव में रहे। Infosys और HCLTech में बिकवाली का असर देखने को मिला। वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों से जुड़े संकेतों और विदेशी बाजारों की अनिश्चितता के बीच IT शेयरों में निवेशकों का उत्साह अपेक्षाकृत कमजोर रहा। ऑटो सेक्टर भी शुक्रवार को दबाव में रहा। Maruti Suzuki समेत कुछ प्रमुख ऑटो शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Trent और InterGlobe Aviation जैसे शेयर भी कमजोर रहे। FMCG, मीडिया और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली।

Smallcap Index में करीब 0.7% की तेजी
व्यापक बाजार की बात करें तो शुक्रवार को Midcap Index लगभग सपाट रहा, जबकि Smallcap Index में करीब 0.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि बड़े और प्रमुख शेयरों में भले ही निवेशकों की आक्रामक खरीदारी नहीं रही, लेकिन चुनिंदा छोटे शेयरों में खरीदारी का रुझान मजबूत बना रहा।
स्मॉल-कैप शेयरों में बढ़ती दिलचस्पी बाजार की व्यापक भागीदारी की ओर भी इशारा करती है। हालांकि, ऐसे शेयरों में निवेश करते समय जोखिम और उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी होता है।
वैश्विक चिंताओं ने बढ़ाई निवेशकों की सतर्कता
भारतीय बाजार पर घरेलू गतिविधियों के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रमों का भी असर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड मार्केट से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। इन वैश्विक जोखिमों के बीच निवेशक फिलहाल बाजार में बड़े दांव लगाने से बचते नजर आए। यही वजह रही कि पूरे कारोबारी सत्र में बाजार में कई बार तेजी और गिरावट देखने को मिली, लेकिन अंत में Sensex और Nifty सीमित बदलाव के साथ बंद हुए।











