केंद्रीय मंत्री ने AI Summit में हुई अव्यवस्था के लिए मांगी माफी, ‘AI का यूपीआई’ का किया ऐलान

India AI Summit 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारी भीड़ और अव्यवस्था के लिए माफी मांगी। सरकार ने AI प्लेटफॉर्म सुधार और ‘AI का यूपीआई’ पहल की घोषणा

India AI Summit 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारी भीड़ और अव्यवस्था के लिए सार्वजनिक माफी मांगी। उन्होंने ‘AI का यूपीआई’ पहल की घोषणा की और फीडबैक के आधार पर आने वाले कार्यक्रमों को बेहतर बनाने का भरोसा दिया।

India AI Summit 2026: भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 के पहले दिन हुई अव्यवस्था के लिए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि सम्मेलन में भारी भीड़ के कारण कुछ आगंतुकों को असुविधा हुई। वैष्णव ने यह भी कहा कि सरकार इस अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए सभी सुझावों पर विचार करेगी।

अव्यवस्था के पीछे भारी उपस्थिति

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस सम्मेलन में 70,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे, जो किसी भी AI कार्यक्रम के लिए अभूतपूर्व संख्या है। उन्होंने कहा कि आगंतुकों, गणमान्य व्यक्तियों और प्रदर्शकों के बीच उत्साह स्पष्ट रूप से देखा गया। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा AI शिखर सम्मेलन है और प्रतिक्रिया अभूतपूर्व रही।

वैष्णव ने यह भी कहा कि यदि किसी को कल किसी प्रकार की समस्या हुई है, तो इसके लिए वे क्षमा चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार खुले विचारों के साथ फीडबैक स्वीकार करती है और भविष्य में आगंतुकों के लिए सुगम अनुभव सुनिश्चित करेगी।

फीडबैक और सुधार के लिए पहल

मंत्री ने कहा कि जो भी सुझाव और प्रतिक्रिया आएगी, उसे गंभीरता से लिया जाएगा। सम्मेलन की बेहतर व्यवस्था के लिए एक रणनीतिक बैठक कक्ष भी तैयार किया गया है, जो अगले दिन से काम करेगा। उनकी पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि आने वाले दिनों में कार्यक्रम और अधिक व्यवस्थित हो।

वैष्णव ने बताया कि आगंतुकों, प्रतिभागियों और प्रदर्शकों को बेहतर अनुभव देने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक सुधार लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने आगंतुकों से अपील की कि वे अपनी प्रतिक्रिया साझा करें, ताकि भविष्य में आयोजनों को और भी सुगम बनाया जा सके।

डीपफेक और AI के दुरुपयोग पर कड़ा रुख

मंत्री ने डिजिटल और AI तकनीकों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डीपफेक तकनीक और भ्रामक सामग्री दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, जिससे समाज और व्यक्तिगत सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इसके लिए सरकार ने उद्योग जगत के साथ बातचीत शुरू कर दी है और कड़े नियमन की आवश्यकता पर जोर दिया।

वैष्णव ने स्पष्ट किया कि चाहे वह Netflix, YouTube, Meta या X जैसी कंपनियां हों, सभी को भारत के संविधान और कानूनी दायरे के भीतर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरुपयोग रोकना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए नियमों का पालन अनिवार्य होगा।

‘AI का यूपीआई’ पहल की घोषणा

मंत्री ने यह भी बताया कि भारत में AI प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की जा रही है, जिसे उन्होंने ‘AI का यूपीआई’ कहा। यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं के लिए भरोसेमंद समाधानों का समूह होगा, जिस पर लोग अपने AI प्रोजेक्ट विकसित कर सकेंगे। वैष्णव ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में AI स्टैक की पांचों परतों में 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश होने की उम्मीद है।

इस पहल का उद्देश्य भारत को AI क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाना और नए स्टार्टअप, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को एक सुरक्षित और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि यह मंच न सिर्फ टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगा, बल्कि डिजिटल नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

AI इम्पैक्ट समिट की वैश्विक अहमियत

India AI Summit 2026 को विश्व के सबसे बड़े AI शिखर सम्मेलनों में से एक माना जा रहा है। इस सम्मेलन में सरकार, उद्योग जगत, शोधकर्ता और स्टार्टअप्स शामिल हैं। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी लोग भारत की AI रणनीति और नवाचार को सीधे अनुभव कर सकते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तकनीक की जानकारी देना नहीं है, बल्कि उपयोगकर्ताओं, उद्यमियों और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग और विचारों का आदान-प्रदान भी है।

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