Kennedy OTT रिलीज: अनुराग कश्यप की नियो-नॉयर क्राइम थ्रिलर, जानें फिल्म की कहानी और रिव्यू

अनुराग कश्यप की नई फिल्म ‘कैनेडी’ OTT पर रिलीज हो गई है। यह नियो-नॉयर क्राइम थ्रिलर दर्शकों को रोमांच और सस्पेंस का अनुभव देती है। पढ़ें फिल्म की कहानी

फिल्म निर्माता Anurag Kashyap की नियो-नॉयर क्राइम थ्रिलर 'कैनेडी' आखिरकार OTT प्लेटफॉर्म Zee5 पर रिलीज हो गई है। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2023 में इसकी चर्चा के तीन साल बाद दर्शक इसे घर बैठे देख सकते हैं। 

  • मूवी रिव्‍यू: कैनेडी
  • ऐक्टर: राहुल भट,सनी लियोनी,मोहित टाकलकर,आमिर दलवी,अभिलाष थपलियाल
  • श्रेणी: Hindi, Crime, Thriller
  • डायरेक्टर: अनुराग कश्यप
  • अवधि: 2 Hrs 22 Min
  • रेटिंग: 2.5/5

एंटरटेनमेंट न्यूज़: अपनी शर्तों पर सिनेमा बनाने के लिए मशहूर फिल्मकार अनुराग कश्यप की नियो-नॉयर क्राइम थ्रिलर फिल्म 'कैनेडी' आखिरकार OTT पर रिलीज हो चुकी है, तीन साल बाद जब इसने कान्स फिल्म फेस्टिवल 2023 में धूम मचाई थी। 'ब्लैक फ्राइडे', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'रमन राघव 2.0' और 'अग्ली' जैसी फिल्मों की तरह, अनुराग ने इस फिल्म में भी अपने सिग्नेचर स्टाइल में एक नियो-नॉयर दुनिया बनाई है—डार्क, खोखली और एंटी-हीरो वाले किरदारों से भरी, जहां नैतिक रूप से टूटे हुए पात्र और अंदर तक खोखली हो चुकी व्यवस्था देखने को मिलती है। लेकिन इस बार इस अंधेरी दुनिया में वह रोमांच या आकर्षण नहीं है, जो दर्शकों को सवा दो घंटे तक पूरी तरह बांधे रख सके।

'कैनेडी' की कहानी

फिल्म की कहानी एक पूर्व पुलिस अधिकारी उदय शेट्टी (राहुल भट) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दुनिया के लिए मर चुका है। असल में वह एक प्रीमियम टैक्सी ड्राइवर कैनेडी बनकर पुलिस कमिश्नर रशीद (मोहित टाकलकर) के लिए हिटमैन का काम करता है। अंधेरी रातों में वह एक के बाद एक लोगों को मौत के घाट उतारता है।

कैनेडी का दर्दनाक अतीत उसे सलीम (आमिर दलवी) नामक गैंगस्टर से बदला लेने के लिए प्रेरित करता है। इस बीच उसकी जिंदगी में चार्ली (सनी लियोनी) की एंट्री होती है। अब सवाल यह है कि क्या कैनेडी अपने मकसद में कामयाब होता है और मौत के खेल का अंत कहां होता है।

Kennedy OTT रिलीज: अनुराग कश्यप की नियो-नॉयर क्राइम थ्रिलर, जानें फिल्म की कहानी और रिव्यू

फिल्म का रिव्यू

'कैनेडी' की शुरुआत दिलचस्प तरीके से होती है। उदय शेट्टी का पहला शिकार रूसी संगीतकार चाइकोव्स्की की धुन पर बिजली की तरह फुर्ती और सपाट चेहरे के साथ दिखाया गया है। इसके साथ ही आमिर अजीज और बॉयब्लैंक का गीत फिल्म के मूड को सेट करता है। लेकिन फिल्म आगे जाकर ढर्रे पर चलती है। राहुल भट के अलावा किसी भी किरदार में गहराई नहीं है। रशीद केवल अपने गुर्गों को आदेश देने तक सीमित है, जबकि सनी लियोनी का किरदार कहानी में खास योगदान नहीं देता।

फिल्म एक स्लो-बर्नर है, जो धीरे-धीरे अपने क्लाइमैक्स की ओर बढ़ती है। किरदारों से जुड़ाव न होने के कारण दर्शक पूरी कहानी में रुचि खो सकते हैं। क्लाइमैक्स काफी प्रिडिक्टेबल है, हालांकि अनुराग कश्यप ने सिस्टम, शासन और सरकार पर तीखे तंज का मौका नहीं छोड़ा।

एक्टिंग और तकनीकी पहलू

राहुल भट ने उदय शेट्टी/कैनेडी के किरदार में बेहतरीन परफॉर्मेंस दी। उन्होंने टूटे इंसान के दर्द और निर्मम हत्यारे के खौफ दोनों को आंखों और हाव-भाव से प्रभावी ढंग से दर्शाया। अभिलाष थपलियाल भी प्रभावित करते हैं, जबकि सनी लियोनी बस आकर्षक दिखती हैं। आमिर दलवी, मोहित टाकलकर, श्रीकांत यादव जैसे सहयोगी कलाकार औसत प्रदर्शन देते हैं।

तकनीकी तौर पर फिल्म मजबूत है। सिलवेस्टर फोंसेका की सिनेमैटोग्राफी मुंबई की खामोश और स्याह गलियों को किरदारों के मनोभावों का अक्स बना देती है। म्यूजिक शानदार है, हालांकि बैकग्राउंड स्कोर कभी-कभी बहुत लाउड हो जाता है। एडिटिंग में फिल्म कम से कम 15 मिनट छोटी हो सकती थी।

क्यों देखें 'कैनेडी'?

अगर आप अनुराग कश्यप के ब्रांड सिनेमा के फैन हैं या राहुल भट के शानदार अभिनय को देखना चाहते हैं, तो 'कैनेडी' OTT प्लेटफॉर्म Zee5 पर देखने योग्य है। यह फिल्म नैतिक रूप से टूटे हुए किरदारों, डार्क क्राइम थ्रिल और सिग्नेचर नियो-नॉयर शैली के लिए खास है। हालांकि, कहानी और अन्य किरदारों की गहराई में कमी के कारण यह फिल्म सभी दर्शकों को समान रूप से प्रभावित नहीं कर पाएगी।

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