Ola Electric के शेयरों में गिरावट जारी, ब्रोकरेज ने टारगेट घटाकर किया 20 रुपये

ओला इलेक्ट्रिक के शेयर लगातार टूट रहे हैं। घटती बिक्री, बढ़ता नेट कर्ज और घटती बाजार हिस्सेदारी से निवेशकों का भरोसा कम हुआ है।

ओला इलेक्ट्रिक के शेयर पिछले महीनों से लगातार गिर रहे हैं। घटती बिक्री और घटती बाजार हिस्सेदारी निवेशकों के भरोसे पर असर डाल रही है। कंपनी अपने शोरूम नेटवर्क में कटौती कर रही है और वित्तीय दबाव महसूस कर रही है।

Ola Electric Share: ओला इलेक्ट्रिक के शेयर पिछले कुछ महीनों से लगातार गिरावट में हैं। एक महीने में ही शेयर करीब 17 प्रतिशत टूट चुका है, और शुक्रवार को ट्रेडिंग के दौरान यह 5 प्रतिशत और गिर गया। कंपनी के रिटेल नेटवर्क में कटौती और घटती मांग ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया है।

कंपनी अब अपने शोरूम नेटवर्क में बड़े बदलाव की योजना बना रही है। मार्च 2026 के अंत तक ओला अपने स्टोर की संख्या लगभग 550 तक सीमित करने की योजना पर काम कर रही है। इससे पहले कंपनी ने देशभर में लगभग 4,000 आउटलेट्स स्थापित किए थे। हाल ही में जारी तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, पहले से काम कर रहे स्टोर्स की संख्या घटाकर लगभग 700 कर दी गई है।

घटती बिक्री और बाजार हिस्सेदारी का प्रभाव

ओला इलेक्ट्रिक के तीसरी तिमाही के नतीजे कमजोर रहे। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल का कहना है कि कंपनी की बिक्री लगातार गिरकर 32,680 यूनिट तक रह गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में बिक्री इससे 61 प्रतिशत अधिक थी। इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी भी बड़ी गिरावट के साथ 6.3 प्रतिशत से घटकर फरवरी के पहले 18 दिनों में 4.2 प्रतिशत हो गई है।

हालांकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का लंबी अवधि का बाजार अभी भी मजबूत है और जीएसटी में हाल की कटौती से मांग में तेजी आ रही है। लेकिन ओला के मामले में, घटती बिक्री और सीमित बाजार हिस्सेदारी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गई है।

वित्तीय स्थिति पर दबाव

वित्तीय दृष्टि से भी ओला इलेक्ट्रिक पर दबाव है। 31 दिसंबर 2025 को खत्म तिमाही में कंपनी को 487 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में घाटा 564 करोड़ रुपये था। कंपनी की कामकाज से होने वाली कमाई 55 प्रतिशत घटकर 470 करोड़ रुपये रह गई।

नेट कर्ज की स्थिति भी चिंताजनक है। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी पर लगभग 670 करोड़ रुपये का नेट कर्ज हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी के पास 160 करोड़ रुपये का नेट कैश था। ब्रोकरेज के अनुसार, अगर कंपनी अपने बैटरी बिजनेस में किसी रणनीतिक निवेशक को हिस्सेदारी बेचती है, तो उसे अच्छा-खासा कैश मिल सकता है।

उपभोक्ता आयोग में सीईओ के खिलाफ मामला

ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ हाल ही में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई। गोवा में जिला उपभोक्ता आयोग ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसे बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिलहाल रोक दिया। शिकायतकर्ता प्रीतेश चंद्रकांत घाडी ने ओला S1 प्रो सेकेंड जनरेशन स्कूटर में खराबी को लेकर 1.47 लाख रुपये की वापसी और 50,000 रुपये मुआवजे की मांग की थी।

शेयर पर ब्रोकरेज की राय

एमके ग्लोबल ने ओला इलेक्ट्रिक के स्टॉक पर अपनी रेटिंग डाउनग्रेड कर ‘Sell’ कर दी है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 50 रुपये से घटाकर 20 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा स्तर 30 रुपये से शेयर में और 33 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उद्योग में बढ़त है, लेकिन ओला की स्थिति कमजोर है। घटती बिक्री, बढ़ते नेट कर्ज और घटती बाजार हिस्सेदारी ने निवेशकों का भरोसा कम कर दिया है।

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