Kerala में अगला मुख्यमंत्री तय करने को लेकर Indian National Congress के विधायक दल की बैठक गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में हुई। यह बैठक 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के 63 सीटें जीतने के बाद सरकार गठन की रणनीति को लेकर अहम मानी जा रही है।
नई दिल्ली: केरल में अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया के तहत कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक तिरुवनंतपुरम स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित की गई। यह बैठक 2026 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की मजबूत वापसी के बाद बुलाई गई, जिसमें पार्टी ने कुल 63 सीटें हासिल की हैं। इसी के आधार पर नेतृत्व तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अहम बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने विधायक दल की राय जानी और सभी पक्षों से बातचीत की। बताया जा रहा है कि वे जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वरिष्ठ नेताओं से भी हुई चर्चा
बैठक से पहले माकन और वासनिक ने केरल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- वीएम सुधीरन
- के सुधाकरन
- रमेश चेन्निथला
- वीडी सतीशन
इन बैठकों में राज्य की राजनीतिक स्थिति, विधायकों की राय और संभावित नेतृत्व विकल्पों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विधायक दल में क्या हुआ?
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने अपनी-अपनी राय रखी। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद पर अंतिम निर्णय पूरी प्रक्रिया और आंतरिक चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। बैठक के बाद विधायक चांडी ओमन ने कहा कि कांग्रेस की एक निर्धारित प्रक्रिया है और सभी विधायकों की राय पार्टी के सामने रख दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा और इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

किन नामों पर हो रहा है विचार?
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नामों पर चर्चा चल रही है:
- वीडी सतीशन
- रमेश चेन्निथला
- केसी वेणुगोपाल
इन नेताओं में से किसी एक को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है, हालांकि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान लेगा। केरल में कांग्रेस की यह सफलता राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत मानी जा रही है। पार्टी अब नेतृत्व चयन के जरिए स्थिर सरकार और मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार करने की कोशिश में है।









