Amit Malviya ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की नियुक्ति को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति स्थापित नियमों और सेवा परंपराओं के अनुसार की गई है और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं है।
नई दिल्ली: भारत की राजनीतिक बहस एक बार फिर प्रशासनिक नियुक्तियों और संस्थागत निष्पक्षता के मुद्दे पर तेज हो गई है। केरल के मुख्यमंत्री के सचिव की नियुक्ति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने इस मामले को “चुनिंदा आक्रोश” (selective outrage) का उदाहरण बताते हुए विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
अमित मालवीय का राहुल गांधी पर आरोप
बीजेपी के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का रुख प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर “दोहरा मानदंड” दर्शाता है। मालवीय ने अपने पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन केरल में इसी तरह की नियुक्तियों पर वे चुप हैं। उनके अनुसार, यह “संस्थागत मर्यादा और निष्पक्षता” पर सवाल खड़ा करता है।
पश्चिम बंगाल और केरल की नियुक्तियों की तुलना

अपने बयान में अमित मालवीय ने दो राज्यों की प्रशासनिक नियुक्तियों की तुलना की। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ IAS अधिकारियों की नियुक्ति सेवा परंपराओं और वरिष्ठता के आधार पर की गई, जबकि केरल में मुख्यमंत्री के सचिव पद पर ऐसी नियुक्ति की गई है जो उनके अनुसार “वरिष्ठता क्रम” के अनुरूप नहीं है।
मालवीय ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में राजनीतिक वफादारी के आधार पर अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया जाता है, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित होती है।
केरल में सचिव नियुक्ति का मुद्दा
विवाद के केंद्र में केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के सचिव के रूप में रतन यू. केलकर की नियुक्ति है। बताया जा रहा है कि वे 2003 बैच के IAS अधिकारी हैं और उन्हें राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) के पद के साथ-साथ मुख्यमंत्री सचिवालय में भी जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी ने इस दोहरी भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संस्थागत संतुलन और चुनावी स्वतंत्रता की भावना के खिलाफ हो सकता है।












