केरल से लौटकर तेजस्वी यादव ने खोला मोर्चा, सरकार की नीतियों को बताया विफल

तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोला। बीजेपी पर भी साधा निशाना, रोजगार, महंगाई और शराबबंदी नीति को लेकर उठाए कई सवाल।

तेजस्वी यादव ने केरल से लौटकर नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रोजगार, महंगाई और शराबबंदी नीति पर सवाल उठाए। साथ ही बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि नेताओं के मन में सत्ता को लेकर उत्साह है।

Patna: केरल दौरे से लौटने के बाद Tejashwi Yadav ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने Nitish Kumar की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे हर मोर्चे पर विफल बताया। साथ ही भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर भाजपा नेताओं के बीच अंदर ही अंदर उत्साह का माहौल है।

“मंत्रियों के मन में लड्डू फूट रहे” बयान का मतलब

Tejashwi Yadav ने तंज कसते हुए कहा कि Nitish Kumar के संभावित हटने या बदलाव की चर्चाओं से भाजपा नेताओं के मन में “लड्डू फूट रहे हैं”। उनका यह बयान सीधे तौर पर सत्ता के भीतर चल रही खींचतान और राजनीतिक अस्थिरता की ओर इशारा करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस समय कई नेता “टीटीएम (ताबड़तोड़ तेल मालिश)” में लगे हुए हैं, यानी सत्ता के करीब आने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जनता अभी तक किसी के पक्ष में अंतिम फैसला नहीं कर चुकी है।

इस्तीफे और प्रशासनिक संकेतों पर सवाल

मीडिया से बातचीत में Tejashwi Yadav ने एक और मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश में शायद ही कभी ऐसा देखा गया हो कि किसी नेता का इस्तीफा अभी हुआ नहीं हो, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर पहले ही संकेत मिलने लगें।

उन्होंने कहा कि कुछ दस्तावेज या पत्र भले पहले जारी हुए हों, लेकिन भाजपा के नेता पहले से ही मानकर चल रहे थे कि Nitish Kumar अब सत्ता में वापस नहीं आएंगे।

सरकार की नीतियों पर तीखा हमला

राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए Tejashwi Yadav ने कहा कि Nitish Kumar की सरकार कई अहम मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने खासतौर पर शराबबंदी (prohibition policy) को लेकर कहा कि इसकी स्थिति सभी के सामने है और खुद सरकार से जुड़े लोग ही नियमों का उल्लंघन करते नजर आते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों पर ध्यान देने के बजाय विपक्ष को कोसने में ज्यादा समय बिता रही है। उनके अनुसार, चुनाव जीतने के बाद सरकार में अहंकार बढ़ गया है और जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आ रहा है।

रोजगार, महंगाई और शिक्षा पर उठाए सवाल

Tejashwi Yadav ने राज्य के प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए सरकार से कई सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 2 लाख रुपये देने का जो वादा किया गया था, वह अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ।

इसके साथ ही उन्होंने बिजली दरों (electricity rates) में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि इससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

रोजगार (employment) के मुद्दे पर उन्होंने पूछा कि नौकरियों की बहाली क्यों नहीं हो रही और युवाओं को कब तक इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षाओं की तारीखों में बार-बार बदलाव से छात्रों को परेशानी हो रही है।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि “पढ़ाई, दवाई, कमाई और सिंचाई” जैसे बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह विफलता दिखाई दे रही है।

महिलाओं के आरक्षण पर सुझाव

महिलाओं के अधिकारों को लेकर Tejashwi Yadav ने एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण (reservation) दिया जाना चाहिए, लेकिन इसके भीतर भी अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षण लागू होना जरूरी है। उन्होंने खासतौर पर आदिवासी और दलित वर्ग की महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे भी समाज में बराबरी से आगे बढ़ सकें।

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