खाटूश्यामजी में 1 से 14 जनवरी तक 51 डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। अधिकतर घटनाएं भीड़भाड़ वाले दिनों में हुई हैं। स्थानीय लोग नगर पालिका की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Sikar: सीकर जिले की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जब मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़ थी, तब कुत्तों ने अलग-अलग स्थानों पर आठ लोगों पर हमला कर दिया। अचानक हुई इन घटनाओं से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घायल लोगों को तुरंत खाटूश्यामजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सभी को प्राथमिक उपचार दिया गया और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। इलाज के बाद सभी को घर भेज दिया गया।
बाहर के श्रद्धालु शामिल
खाटूश्यामजी अस्पताल के पीएमओ डॉ. गोगराज सिंह निठारवाल ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन जिन लोगों को कुत्तों ने काटा, उनमें स्थानीय निवासी सचिन स्वामी, प्रियंका और गणेशराम शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात के धर्मेश, चंदवाजी के पप्पू गुर्जर, नालंदा की रागिनी, आगरा के अमित जाट और महाराष्ट्र के संदीप भी घायल हुए।

डॉक्टरों के अनुसार, सभी मरीजों की हालत स्थिर है और समय पर इलाज मिलने से कोई गंभीर स्थिति नहीं बनी।
14 दिनों में 51 डॉग बाइट के मामले
पीएमओ डॉ. निठारवाल ने बताया कि 1 जनवरी से 14 जनवरी तक खाटूश्यामजी में कुल 51 डॉग बाइट के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकतर घटनाएं उन दिनों हुईं, जब मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं किया जा रहा है। नसबंदी और शिफ्टिंग जैसे जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे, जिससे समस्या लगातार बढ़ रही है।
फाल्गुनी मेले से पहले बढ़ी चिंता
अगले महीने बाबा खाटूश्यामजी का वार्षिक फाल्गुनी मेला शुरू होने वाला है। इस दौरान करीब 11 दिनों में 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु खाटूश्यामजी पहुंचते हैं। ऐसे में यदि आवारा कुत्तों की समस्या पर समय रहते काबू नहीं पाया गया, तो श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि फाल्गुनी मेले से पहले आवारा कुत्तों को लेकर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर सकें।













